नौ मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र के तहत 11 मार्च को बजट को सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है। 21 मार्च को बजट पारित हो सकता है।
सरकार ने इसके लिए प्रस्ताव कर दिया है। अब आठ मार्च को होने वाली कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस पर अंतिम रूप से मुहर लगेगी। खास बात यह है कि इस बार बजट पर चर्चा के लिए सरकार ने पूरे चार कार्यदिवस का प्रस्ताव किया है। 21 तक के सत्र में केवल तीन दिन का ही अवकाश है।
सरकार की ओर से किए गए प्रस्ताव के मुताबिक नौ मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी। दस मार्च को सरकार की ओर से धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा और इस पर चर्चा होगी। 11 मार्च को बजट को सदन के पटल पर रखने का प्रस्ताव किया गया है। 12 और 13 को अवकाश है। 14 को धन्यवाद प्रस्ताव को पारित किया जाएगा।
15 से लेकर 18 तक बजट पर सामान्य चर्चा है। अभी तक सामान्य रूप से तीन दिन ही बजट पर चर्चा होती आई है। इस बार चार दिन तक बजट पर सामान्य चर्चा के लिए प्रस्ताव किया गया है। 19 मार्च और 20 मार्च को विभागवार बजट प्रस्तुत किए जाने का प्रस्ताव किया गया है। 21 को विनियोग विधेयक सदन के पटल पर रखा जाएगा।
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आठ मार्च को होगी। इसी दिन सर्वदलीय बैठक और विधानसभा सत्र की सुरक्षा संबंधित बैठक होगी। सरकार के इस प्रस्ताव पर अभी कार्यमंत्रणा समिति की मुहर लगनी बाकी है। सर्वदलीय बैठक इस बार महत्वपूर्ण होगी।
अभी तक सर्वदलीय बैठक महज औपचारिकता ही रही है। इस बार के सत्र पर गैरसैंण में हुए सत्र की छाया भी रहेगी। ऐसे में सदन को सुचारु रूप से चलाने के लिए सर्वदलीय बैठक में पक्ष और विपक्ष की आपसी सहमति बनाने पर जोर दिया जा सकता है।