हाईकोर्ट ने महिला आरक्षण पर लगा दी थी रोक
हाईकोर्ट ने राज्य लोक सेवा आयोग की उत्तराखंड सम्मिलित प्रवर सेवा के पदों के लिए आयोजित परीक्षा में उत्तराखंड मूल की महिला अभ्यर्थियों के 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण वाले शासनादेशों पर रोक लगा दी थी। हरियाणा की पवित्रा चौहान व अन्य अभ्यर्थियों ने यह याचिका दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश रोका, आरक्षण बरकरार रहा
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सरकार की विशेष अनुग्रह याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी। इस तरह आरक्षण बरकरार रहा। सुप्रीम कोर्ट में इसी मामले में सात फरवरी को सुनवाई होनी है।
12 विधेयकों को मिली मंजूरी, दो शेष
राजभवन को 14 विधेयक मंजूरी के लिए भेजे गए थे। इनमें से महिला आरक्षण समेत 12 को मंजूरी मिल गई है। जबकि भारतीय स्टांप उत्तराखंड संशोधन विधेयक और हरिद्वार विश्वविद्यालय विधेयक को राजभवन से अभी मंजूरी नहीं मिली है।
मैं राज्यपाल का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। यह कानून निश्चित तौर पर मातृशक्ति के सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य के विकास में अतुलनीय योगदान देने वाली नारी शक्ति के उत्थान के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
महिला क्षैतिज आरक्षण विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। विधायी विभाग को विधेयक प्राप्त हो गया है। राज्यपाल की मंजूरी के साथ ही यह अधिनियम बन गया है।
- महेश कौशिबा, अपर सचिव, विधायी