सीबीएसई और आईसीएसई 12वीं की परीक्षा रद्द होने के बाद अब उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंनें कहा कि छात्रों व शिक्षकों के हितों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया जाएगा। साथ ही जो बच्चे समझते हैं कि उन्हें कम अंक देकर प्रमोट किया गया है उन्हें परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा।
12वीं में एक लाख 23 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत
उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं में एक लाख 23 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं, जबकि 10 वीं की परीक्षा में एक लाख 48 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। शिक्षा विभाग की ओर से बोर्ड के छात्रों की परीक्षा के लिए 1347 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सरकार की ओर से पहले हाईस्कूल की परीक्षा को रद्द किया गया। जबकि अब 12वीं की परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया है।
बैठक में मंथन के बाद हुआ निर्णय
सचिवालय में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक शिक्षा विनय शंकर पांडेय व शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद हुए। केंद्र सरकार व सीबीएसई के निर्णय व दिश-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में इंटरमीडिएट की परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
राज्य में सीबीएसई की प्रक्रिया लागू होगी
बैठक में तय हुआ कि इंटर की परीक्षा रद्द करने के संबंध में जो प्रक्रिया सीबीएसई अपनाएगा, उसके अनुसार ही राज्य शिक्षा विभाग भी कार्य करेगा।
प्रदेश में बारहवीं की परीक्षा रद्द करने का निर्णय कोविड 19 के दृष्टिगत लिया गया है। सरकार को हर एक छात्र, शिक्षक और अभिभावक की चिंता है, यह निर्णय सबके हित में लिया गया है।
- अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री