राहुल कुमार गोयल का कहना है कि छात्र, छात्राओं को परीक्षाओं मे कम नंबर आने पर निराश नहीं होना चाहिए। औसत दर्जे के अंक पाने वाले भी जीवन में नई ऊंचाईयों को छू सकते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने भी कभी बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश या जिला टॉप नहीं किया।
स्कूल की पढ़ाई के बाद बीएससी, एमएससी की पढ़ाई की। जिसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी की। किसी भी परीक्षा में कम नंबर आने पर वह कभी निराश नहीं हुए। अपर जिलाधिकारी ने बोर्ड परीक्षाओं में कम नंबर पाने वाले बच्चों को निराश नहीं होने की सलाह दी है।
उनका कहना है कि परीक्षाओं में कम नंबर लाने वाले छात्र-छात्राओं को हताहत नहीं होना चाहिए। हर बार नंबरों से भविष्य तय नहीं होता। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। छात्रों को मेहनत के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए। प्रयास करने से ही सफलता प्राप्त होती है। अपना लक्ष्य तय करें उसी दिशा में आगे बढ़ते रहें।