मीडिया के माध्यम से बयानबाजी बिल्कुल उचित नहीं है। भट्ट के मुताबिक, चैंपियन को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब देने को कहा गया है। चैंपियन ने मसूरी में पत्रकार वार्ता के दौरान आरोप लगाया था ि वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव के दौरान कौशिक ने संजय गुप्ता, यतीश्वरानंद और उनको हराने के लिए काम किया।
पीछा नहीं छोड़ रहा भाजपा नेताओं का बयान विवाद
भाजपा नेताओं के विवादित बयान पार्टी का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और पुरोला के विधायक दुर्गेश्वर लाल के बीच के विवाद को थामने को तो प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को दखल देना पड़ा था। सरकार के कैबिनेट मंत्री एक वायरल वीडियो को लेकर भी विवादों में आ गए थे। इन्हीं सभी विवादों पर कांग्रेस ने भाजपा के अनुशासन पर सवाल उठाए थे।