नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट के टिकट पैनल में नाम नहीं होने से नाराज भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत ने प्रदेश संसदीय बोर्ड सदस्य समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
इसके साथ ही लोकसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी को लेकर उत्तराखंड में भी भाजपाइयों की फूट सामने आ गई है।
बचदा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष समेत वरिष्ठ नेताओं ने उनकी दावेदारी को नजरअंदाज किया। लिहाजा, वह सभी पदों से इस्तीफा देकर पार्टी में बतौर कार्यकर्ता के रूप में सेवा करते रहेंगे।
पैनल में नाम शामिल नहीं होने पर उठाया कदम
भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रावत ने कहा कि वह पार्टी में सीनियर नेता हैं। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट से उनकी दावेदारी थी।
13 फरवरी को देहरादून में प्रदेश चुनाव कार्यसमिति की बैठक में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से दावेदारों के पैनल में उनके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और पूर्व सांसद बलराज पासी के नाम शामिल किए गए थे।
चुनाव समिति की बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने पूर्व सांसद बलराज पासी और उनकी दावेदारी को नजरअंदाज कर भाजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड को सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का नाम भेजा, जो पार्टी सिद्धांतों के खिलाफ है।
वरिष्ठ नेताओं पर लगाया गुमराह करने का आरोप
रावत ने कहा कि प्रदेश चुनाव कार्यसमिति बैठक में तीनों नाम फाइनल होने के बाद केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजे जाने चाहिए थे। बोर्ड जिसका भी नाम फाइनल करता सभी को मान्य होता।
रावत ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें अंधेरे में रखा। उनकी दावेदारी क्यों खारिज की गई और प्रदेश अध्यक्ष पर ऐसा क्या दबाव था इसकी जानकारी उन्हें दी जाए।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने जब उन्हें नकारा साबित कर ही दिया है तो अब टिकट और किसी दायित्व की जरूरत नहीं है। लिहाजा वह प्रदेश संसदीय बोर्ड सदस्य, प्रदेश स्थायी आमंत्रित सदस्य और बूथ पालक के पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
उत्तराखंड के कद्दावर नेता हैं बची सिंह रावत
बची सिंह रावत की प्रोफाइल
1969 में जनसंघ से जुड़े, तब वह रानीखेत में वकालत करते थे।1991 में पहली बार रानीखेत से विधायक चुने गए।1993 के उपचुनाव में रानीखेत से फिर विधायक निर्वाचित हुए।1993 में यूपी सरकार में राजस्व उप मंत्री बनाए गए।1996, 1998 और 1999 में अल्मोड़ा लोकसभा सीट से मौजूदा मुख्यमंत्री हरीश रावत को हराकर सांसद चुने गए।2004 में अल्मोड़ा सीट से हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत को हराकर सांसद बने।2004 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री बनाए गए।2005 में केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री बनाए गए।2009 में उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुने गए।
रावत पार्टी के स्तंभ: अजय भट्ट
बची सिंह रावत पार्टी के स्तंभ हैं। प्रदेश में भाजपा ने अभी तक किसी भी सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। सभी सीटों पर तीन से चार प्रत्याशियों के नाम केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजे गए हैं। केंद्रीय बोर्ड को ही अंतिम फैसला लेना है। 13 मार्च को आयोजित संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाएंगे। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से दावेदारों की पैनल सूची में बची सिंह रावत का नाम शामिल है।
-अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष
इनका है कहना
‘बची सिंह रावत को नजरअंदाज करना पार्टी हित में नहीं है। इससे पार्टी को चुनाव में नुकसान होगा। इस सीट पर उनकी भी दावेदारी थी। वह पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता हैं, लिहाजा खुद का नाम कटने से उन्हें अफसोस नहीं है।’
-बलराज पासी, पूर्व सांसद