इस सीट पर भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि अब त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम भी गढ़वाल सीट पर तेजी से उछला है। त्रिवेंद्र की हरिद्वार और गढ़वाल दोनों सीटों से दावेदारी है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय नेतृत्व को सही उम्मीदवार तलाशने के लिए कुछ और फीडबैक जुटाना पड़ रहा है। पार्टी के भीतर ही एक खेमा पांचों सीटों पर सभी सांसदों को उम्मीदवार बनाए जाने की वकालत कर रहा है। लेकिन दूसरी पांत में शामिल नेताओं का एक बड़ा वर्ग चाहता है कि पार्टी नए चेहरों पर दांव लगाए।
हरिद्वार लोस सीट पर खांटी राजनीतिज्ञ डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक सांसद हैं। माना जा रहा है कि तीरथ और डॉ. निशंक भी अपनी उम्मीदवारी को लेकर चुप नहीं बैठे हैं और अपने-अपने राजनीतिक संबंधों के जरिये प्रयास कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में अब सबकी निगाहें केंद्रीय नेतृत्व पर लगी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि छह फरवरी को पार्टी दोनों सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है। तब तक पार्टी के भीतर दोनों सीटों पर दावेदारों को लेकर चर्चाओं का बाजार गरमाता रहेगा।