पीठ का संरक्षण नहीं मिला तो चौराहों पर पीटे जाएंगे
विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि सदस्यों को अपमानित करने के प्रकरणों पर पीठ की तरफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो चौहारों पर पीटे जाएंगे। विशेषाधिकार हनन समिति को अभी तक प्रकरण नहीं भेजे गए। सदस्यों को संरक्षण देने के लिए पीठ की ओर से समय निर्धारित कर लंबित प्रकरणों पर विनिश्चय दिया जाए। कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद ने कहा कि वह विशेषाधिकार हनन समिति के सदस्य हैं, यह जानकारी उन्हें आज पता चली। विधानसभा उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में गठित इस समिति में सात सदस्य नामित हैं। सदस्यों की मांग पर पीठ से विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने अवगत कराया कि नवंबर 2017 में विशेषाधिकार हनन समिति गठित की गई। समिति में विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, फुरकान अहमद, संजय गुप्ता, राजकुमार ठुकराल सदस्य नामित हैं।
स्कूटर पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे हरीश रावत
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत स्कूटर पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रवेश द्वार पर धरना दिया और खनन पर सरकार को घेरा। सत्र के आखिरी दिन विभिन्न संगठनों ने विधानसभा कूच किया। 4600 ग्रेड पे जारी करने की मांग को लेकर पुलिसकर्मियों के परिजनों ने विधानसभा कूच किया।
अपनी मांगों को लेकर विधानसभा कूच करने जा रहे पीआरडी के जवानों को पुलिस द्वारा विधानसभा से पहले बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। जिसके बाद पीआरडी के जवान बैरिकेडिंग के समीप धरने पर बैठ गए। भू कानून की मांग को लेकर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने भी विधानसभा की कूच किया। वहीं विधानसभा कूच करने जाते कनिष्ठ अभियंता संविदा कर्मचारियों को विधानसभा से पहले पुलिस ने रोक दिया गया। इसके साथ ही नर्सिंग भर्ती परीक्षा कराने की मांग को लेकर विधानसभा कूच करने जा रहे युवाओं को भी पुलिस द्वारा रोक दिया गया।
14 मिनट में बिना चर्चा अनुपूरक बजट व नौ विधेयक पास
उत्तराखंड विधानसभा में शनिवार को भारी हंगामे के बीच बगैर चर्चा के 1353 करोड़ 79 लाख आठ हजार करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। सरकार ने करीब 14 मिनट में उत्तराखंड विनियोग (2021-22 का द्वितीय अनुपूरक) विधेयक 2021 समेत कुल नौ विधेयकों को बिना चर्चा के पारित कराया। शोरशराबा करने के बाद विपक्षी सदस्य सदन से वाकआउट कर गए। इससे सरकार को अपना कामकाज निपटाने में आसानी हो गई।
विधानसभा में करीब 20 मिनट के अंदर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन निरसन विधेयक समेत कुल 10 विधेयक बिना किसी चर्चा के पारित कर दिए गए। विपक्ष शोरगुल मचाता रहा और सरकार एक-एक करके बिलों को पारित कराती गई।
ये विधेयक भी हुए पारित
-उत्तराखंड पंचायती राज द्वितीय संशोधन विधेयक, 2021
-आम्रपाली विश्वविद्यालय के विधेयक, 2021
-उत्तराखंड नजूल भूमि प्रबंधन व्यवस्थापन एवं निस्तारण विधेयक 2021
-सोसाइटी रजिस्टरीकरण उत्तराखंड संशोधन विधेयक, 2021
-उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश) लोक सेवा (अधिकरण)(संशोधन) विधेयक 2021
-उत्तराखंड सिविल विधि संशोधन विधेयक, 2021
-उत्तराखंड कृषि उत्पाद मंडी, (विकास एवं विनियमन) पुनर्जीवित, विधेयक 2021
-उत्तराखंड किरायेदारी विधेयक, 2021
नजूल भूमि पर हजारों की संख्या में लोग काबिज
वहीं प्रदेश में नजूल भूमि पर काबिज हजारों परिवारों को सरकार कानूनी रूप से मालिकाना हक देने जा रही है। इसके लिए शनिवार को सदन में नजूल नीति पारित कर दी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पूरे प्रदेश में नजूल भूमि पर हजारों की संख्या में लोग काबिज हैं। रुद्रपुर के भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल के मुताबिक, अकेले रुद्रपुर में 22,000 परिवार नजूल भूमि पर काबिज हैं, जिन्हें फायदा मिलेगा। अधिनियम बनने से नैनीताल के हल्द्वानी, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार में नजूल भूमि पर काबिज लोगों को अपनी भूमि को नियमानुसार फ्री होल्ड करने का अवसर मिलेगा। प्रदेश में करीब 50 हजार परिवार है, जो इसका लाभ ले सकेंगे हैं।
विधेयक में कुछ प्रमुख प्रावधान
-बीपीएल कार्ड धारकों और प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों को नजूल भूमि पर 50 वर्ग मीटर तक की जमीन को फ्रीहोल्ड करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
-छह माह के भीतर जितने भी आवेदन आएंगे, संबंधित अधिकारियों को अगले छह माह में सभी का निपटारा करना होगा।
-जिन लोगों ने पूर्व में आवेदन किया था, उन्हें उसी सर्किल रेट पर नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड करने की छूट प्रदान की गई है।
सर्किल रेट की दरों के हिसाब से देना होगा शुल्क (आवासीय श्रेणी में)
-200 वर्गमीटर तक: ऐसे पट्टेधारक, जिन्होंने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया है, उन्हें प्रचलित सर्किल रेट का 25 प्रतिशत, जिन्होंने पट्टे का नवीनीकरण नहीं कराया को 30 प्रतिशत, जिन्होंने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन किया उन्हें 60 प्रतिशत देना होगा।
-201-500 वर्गमीटर तक: ऐसे पट्टेधारक जिन्होंने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया तो 35 प्रतिशत, नवीनीकरण न कराने वालों को 50 प्रतिशत, उल्लंघन करने वालों को 80 प्रतिशत भुगतान करना होगा।
-501 वर्ग मीटर से अधिक: जिन्होंने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया, उन्हें सर्किल रेट का 60 प्रतिशत, नवीनीकरण न कराने वालों को 70 प्रतिशत और पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करने वालों को 110 प्रतिशत भुगतान करना होगा।
व्यावसायिक नजूल भूमि पर यह दरें होंगी लागू
-200 वर्ग मीटर तक: पट्टे की शर्तों का पालन करने वालों को सर्किल रेट का 40 प्रतिशत, पट्टे का नवीनीकरण न कराने वालों को 50 प्रतिशत, नियम शर्तों का उल्लंघन करने वालों को 80 प्रतिशत देय होगा।
-201-500 वर्ग मीटर तक: पट्टे की शर्तों का उल्लंघन न करने वालों को सर्किल रेट का 50 प्रतिशत, नवीनीकरण न कराने वालों को 70 प्रतिशत और उल्लंघन करने वालों को 100 प्रतिशत देना होगा।
-501 वर्ग मीटर से ऊपर: पट्टे की शर्तों का उल्लंघन न करने वालों को 80 प्रतिशत, नवीनीकरण न करवाने वालों को 90 प्रतिशत और उल्लंघन करने वालों को 130 प्रतिशत देय होगा।
यह भी खास
-बहुमंजिला इमारतों के हर माले पर अलग दर
-पार्किंग या पार्क बनाने का डीएम को अधिकार
-निजी शिक्षण संस्थान भी करा सकते हैं फ्रीहोल्ड
-नजूल नीति में कृषि एवं बागवानी की भूमि फ्रीहोल्ड की जाएगी
-मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा आदि के लिए पट्टे पर दी गई नजूल भूमि फ्री होल्ड शासन से अनुमोदन के बाद हो सकेगा