गैरसैंण में विधानसभा सत्र नहीं कराए जाने से नाराज आंदोलनकारी प्रवीण सिंह काशी और उनके साथी इसके विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि पहाड़ की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा गैरसैंण सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। इसीलिए आज तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जा सका।
आंदोलनकारी प्रवीण सिंह काशी पूर्व में अपने दस साथियों के साथ गोपेश्वर से गैरसैंण तक 100 किलोमीटर नंगे पांव पदयात्रा कर चुके हैं। अब एक बार फिर वह गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए सरकार को जगाएंगे। काशी ने बताया कि आठ दिसंबर को वह उनके साथियों के साथ दून पहुंचेंगे और सत्र के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे।