सरकार कर रही मनमर्जी, जनता के सवालों से बच रही : आर्य
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि सरकार अपनी मनमर्जी, संख्याबल पर सत्र संचालित करना चाहती है। कार्यमंत्रणा में भी संख्याबल पर एजेंडा तय किया जाता है। विपक्ष की बात सुनी ही नहीं जाएगी तो हमारा बैठक में जाने का कोई औचित्य नहीं है। सरकार पूरी तरह लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी कर रही है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि सत्र गैरसैंण में और कार्यमंत्रणा व सर्वदलीय बैठक देहरादून में हो रही है। जबकि आमतौर पर आज तक यही होता है कि जहां सत्र होता है, वहीं बैठक होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि सदन लंबा चले। गैरसैंण में कम से कम सात दिन का सत्र होना चाहिए था। चुनावी वर्ष में सभी चाहते हैं कि अपने मुद्दे उठाएं लेकिन सरकार ने जो दो दिन सत्र रखा है, पहले दिन श्रद्धांजलि में जाएगा, बजट आएगा। विधायकों के जनता के जो सवाल, मुद्दे हैं उनके लिए समय ही नहीं मिल पाएगा। इससे साफ है कि सरकार नहीं चाहती कि जनता के मुद्दे सदन में उठें। उन्होंने कहा कि सरकार सवालों से बच रही है।