रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए बने ठोस नीति
सहकारिता, विधानसभा भर्ती घोटाला, एनएच घोटाला, दरोगा भर्ती घोटाला जैसे तमाम घोटालों सहित अंकिता हत्याकांड और रोजगार, पलायन, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि मुद्दों को लेकर सुराज सेवा दल ने भी विधानसभा कूच किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश का भविष्य अंधकारमय हो गया है। चेतावनी दी कि अगर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि के लिए ठोस नीति नहीं बनाती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर दल के संरक्षक रमेश जोशी, हरवीर चौधरी शाह, आलम मेहरबान, मोहिनी, सुचित अग्रवाल, नित्य साहनी, मोनिका, पूजा नेगी, सुनीता साहनी, नीतू, रेनू, पदमा, रेखा, लक्ष्मण सिंह आदि मौजूद रहे।
सितारगंज स्थित जायडस कंपनी को खोले सरकार
सितारगंज स्थित जायडस वेलनेस इंपलाइज यूनियन के बैनर तले कंपनी के श्रमिकों ने गांधी पार्क से विधानसभा तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी को खोलने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि जायडस वेलनेस कंपनी के बंद होने से 1200 परिवार प्रभावित हुए हैं। कंपनी के श्रमिक विगत 166 दिन से धरना-प्रदर्शन रहे हैं लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भी श्रम सचिव कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यूनियन के महामंत्री उमेश गोला ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द प्रभावितों को उनका रोजगार वापस दिलाए। इस दौरान केके बोरा, अध्यक्ष विकास सती, धर्मेंद्र सिंह, दीपक आदि श्रमिक उपस्थित थे।
काश्तकारों को उचित मुआवजा देने की मांग
देहरादून। एनएच-72 के चौड़ीकरण के प्रभावित काश्तकारों को दिए जा रहे मुआवजे में हो रही धांधली के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने विधानसभा कूच किया। इस दौरान उन्होंने काश्तकारों को उचित मुआवजा देेने की मांग की। जिला सचिव राजेंद्र पुरोहित ने कहा कि पांवटा, बल्लूूपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-72 में किलोमीटर 104 से 149 में कई काश्तकार ऐसे हैं, जिनका नाम मुआवजे की लिस्ट में था। इनमें कुछ को तो मुआवजा मिल चुका है लेकिन अधिकांश को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। इस दौरान उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
गल्जवाड़ी गांव को राजस्व अभिलेखों में आबादी क्षेत्र घोषित किया जाए
गल्जवाड़ी गांव को राजस्व अभिलेखों में आबादी क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग को लेकर गल्जवाड़ी के लोगों ने ग्राम प्रधान लीला शर्मा के नेतृत्व में विधानसभा कूच किया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ग्राम प्रधान लीला शर्मा ने कहा कि गल्जवाड़ी के लोग कई सालों से गांव को राजस्व अभिलेखों में आबादी क्षेत्र घोषित करने की मांग के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन आज तक उन्हें इधर से उधर भटकाया जा रहा है। कहा कि कई बार मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जा चुका है लेकिन आश्वासन के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट भी प्रदेश सरकार को गांव को आबादी क्षेत्र घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दे चुका है। इस दौरान झूमा देवी, शोभा कुमारी, मीना क्षेत्री, गीता थापा, मंजू सिंह, सुशील, रजनी, नमिता गुरुंग, कविता गुरुंग आदि मौजूद रहे।