हालांकि मुख्यमंत्री पहले ही विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को पत्र लिखकर सूचित कर चुके हैं कि उनके विभागों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर कौशिक देंगे। लेकिन अब कौशिक को मुख्यमंत्री की तात्कालिक राय मशविरा के बिना निर्णय लेने होंगे।
इसलिए सदन के दौरान उनके सियासी चातुर्य, विवेक और साहस की भी परीक्षा होगी। बकौल कौशिक, मुख्यमंत्री के कोरोना की जद में आने से चिंता है। पूरी उम्मीद है कि वह जल्द स्वस्थ हो जाएंगे। जहां तक सदन में जिम्मेदारी संभालने की बात है, वह पूर्व में भी यह भूमिका निभाते आ रहे हैं। इसलिए पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेंगे।
सत्र के दौरान मैंने संसदीय कार्य के लिए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को पहले ही अधिकृत कर रखा है। इसलिए कोई परेशानी वाली बात नहीं है।- त्रिवेंद्र सिंह रावत
विधानसभा सत्र तय समय पर आरंभ होगा और तीन दिन चलेगा। संसदीय कार्य की जिम्मेदारी पहले की तरह निभाऊंगा। सदस्यों के सभी प्रश्नों, सूचनाओं और जिज्ञासाओं का समाधान किया जाएगा।- मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री