कांग्रेस ने उठाया सवाल, विपक्ष के प्रश्नों का कब मिलेगा जवाब
विधानसभा के तीन दिन के सत्र में विपक्ष कम समय में अधिक से अधिक मुद्दे सदन में उठाना चाहता है, लेकिन सत्र की कम अवधि उसे ऐसा करने से रोक सकती है। विपक्षी सदस्य पहले दिन ही सरकार से सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग करेंगे। प्रदेश में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर रोक लगाने, आपदा में हुए नुकसान और बेरोजगारी जैसे मुद्दे विपक्ष के प्रमुख एजेंडे में शामिल किए गए हैं। कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक सोमवार देर शाम नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के हाथीबड़कला स्थित शासकीय आवास पर हुई।
बैठक में कांग्रेस के 19 में से 17 विधायकों ने भाग लिया। विधायक मदन बिष्ट और मयूख महर बैठक में नहीं पहुंच पाए। बैठक में पहले दिन का एजेंडा तय किया गया और सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों को प्रमुखता दी गई। अतिक्रमण हटाओ अभियान, आपदा और बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पार्टी के प्रमुख मुद्दों में रहेगा।
इसके अलावा महंगाई, कानून व्यवस्था, विशेषकर महिला उत्पीड़न, आपदा पीड़ितों को मुआवजा, उनके पुनर्वास को लेकर भी सदस्यों की ओर से सवाल लगाए गए हैं। पार्टी लोकायुक्त का मुद्दा भी उठाएगी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बताया कि पहले दिन श्रद्धांजलि सभा होगी, जिसमें पार्टी के विधायक भी चर्चा में भाग लेंगे। अगले दिन का एजेंडा सत्र शुरू होने से पहले छह तारीख को ही तय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विपक्षी सदस्यों के पास सवाल बहुत हैं, लेकिन जिस तरह से सरकार ने सीमित अवधि का सत्र आहूत किया है, उन्हें सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद कम ही है।