केंद्र पोषित योजना : 3178.87
वाह्य सहायतित परियोजनाओं : 56
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना : 570
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन : 449
जलजीवन मिशन योजना : 401
नवीनीकरण व शहरी परिवर्तन मिशन : 137.29
प्रधानमंत्री आवास योजना : 70.01
स्वच्छ भारत मिशन : 24.56
विवि व शासकीय व अशासकीय कॉलेजों के भवन निर्माण : 20
समग्र शिक्षा : 214.57
कोविड आपदा में सहायता : 600
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना : 100
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना : 16.51
मुख्यमंत्री सौभाग्यवती योजना : 8.34
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना : 7.65
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मानदेय : 33
पार्ट टाइम दाइयों के लिए : 15.50
शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकाय : 293
केंद्रीय सड़क निधि : 200
कैंपा योजना : 150
मॉडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान : 62.53
मार्गों व पुलियों के मरम्मत कार्य : 55
बाढ़ सुरक्षा कार्य : 30
नगरीय पेयजल योजनाओं का निर्माण : 25
स्मार्ट सिटी योजना : 60
पीएमजीएसवाई भूमि अधिग्रहण व एनपीवी : 93
केदरानाथ बदरीनाथ में कार्य : 15
चारधाम व विभिन्न स्थान भूमि क्रय : 15
राजकीय महाविद्यालय भवनों का निर्माण : 5
छात्रावासों का निर्माण : 10
प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की भूमि क्रय : 5
कोटद्वार मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए : 20
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज : 13
रोडवेज के लिए : 42
राजकीय आईटीआई के लिए : 62.53
वर्क फोर्स डेवलपमेंट फॉर मॉडल इकॉनाोमी : 25
जलागम विकास परियोजना : 30
उद्यान बीमा योजना : 26.56
राष्ट्रीय कृषि वानिकी व बांस मिशन : 9.42
राष्ट्रीय कृषि प्रसार : 8.5
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नोट: धनराशि करोड़ में
नंदा गौरा देवी कन्या धन योजना से वंचित प्रदेश की 33 हजार बेटियों को सरकार उनका हक देगी। मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान जब केदारनाथ विधायक ने यह सवाल उठाया तो मंत्री रेखा आर्य और इसके बाद सदन के नेता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह घोषणा की।
मंगलवार को भोजनावकाश के बाद नियम-58 के तहत केदारनाथ विधायक ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नंदा देवी कन्या धन योजना और गौरा देवी कन्या धन योजना के एकीकरण के बाद वर्ष 2015-16 की 12090 और वर्ष 2016-17 की 16546 बेटियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। कोई भी विधायक जब क्षेत्र में जाता है तो सबसे ज्यादा बेटियों के अभिभावक यह सवाल पूछते हैं। उन्होंने कहा कि इन बेटियों के अभिभावकों के लिए आय की सीमा भी बढ़ाकर 72 हजार रुपये की गई थी, लेकिन इन्हें उनका हक न मिलना बेहद शर्म की बात है।
लैंसडोन विधायक दिलीप सिंह रावत ने भी विधायक मनोज रावत की हां में हां मिलाई। सरकार दबाव में आ गई। इसके बाद विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि करीब 49 करोड़ रुपये का बजट इन बालिकाओं को दिया जाएगा। लिहाजा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर सहमति भी दे दी है। हम सभी बेटियों को उनका हक देंगे।
इसके बाद सदन के नेता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह सदन में ही यह घोषणा कर रहे हैं कि इन बालिकाओं को योजना का लाभ देने के लिए पूरा बजट जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी 33 हजार 216 बेटियों को नंदा-गौरा कन्याधन योजना का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह दुख की बात है कि इन बेटियों को लाभ नहीं मिल पाया है।