उत्तराखंड रोडवेज की अल्मोड़ा से देहरादून को रवाना हुई बस नगीना में खराब हो गई। बस में महिला यात्री भी सवार थीं। सुनसान जगह पर कई घंटों तक महिला यात्रियों ने दहशत में रात गुजारी। दूसरे दिन बस कई घंटे विलंब से सुबह दस बजे देहरादून पहुंची। इससे यात्रियों की फजीहत हुई। यात्रियों के परिजनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
बुधवार को रोडवेज की अल्मोड़ा-देहरादून बस संख्या यूके 07 पीए-2901 अल्मोड़ा से सायं छह बजे देहरादून को रवाना हुई। रात्रि यह बस नगीना में खराब हो गई। बस में सवार महिला यात्रियों को आधी रात को सुनसान जगह पर कई घंटे तक दहशत में रात बितानी पड़ी। बृहस्पतिवार को बस सुबह दस बजे देहरादून पहुंची। बस निर्धारित समय से कई घंटे विलंब से स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना पड़ा।
कई यात्रियों को कार्यालय, बैंक आदि की ड्यूटी पर जाना था, लेकिन वह समय पर ड्यूटी नहीं जा सके। इससे कुछ दिन पहले भी इसी बस की खिड़की में शीशा नहीं होने के कारण यात्रियों ने रोडवेज पर हंगामा काटा था और सहायक महाप्रबंधक का घेराव किया था। जिसके बाद बस को वर्कशॉप ले जाया गया। जहां खिड़की में शीशा लगाकर बस को गंतव्य को भेजा गया।
यात्रियों ने रोडवेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रोडवेज प्रबंधन रूटों पर वाहनों को फिटनेस के बगैर ही दौड़ा रहा है। मार्ग में कहीं पर भी बस खराब हो जा रही है। इससे कई बार यात्रियों की जान पर बन आती है। यात्रियों के परिजनों ने इस मामले में जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर मामले की शिकायत की है। उन्होंने इस मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में हरीश सिंह भोज, मनोज साह, अनिल कुमार, उत्तम प्रकाश आदि शामिल हैं।