आनंदम पाठ्यचर्या का स्वरूप
उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2019 में आनंदम पाठ्यचर्या शुरू की थी। इसका उद्देश्य विद्यालयों में ऐसा वातावरण विकसित करना है, जहां बच्चे स्वयं को और दूसरों को समझें। वे सहानुभूति विकसित करें, अपनी भावनाओं को पहचानना सीखें। इसके तहत विद्यालयों में प्रतिदिन 30-35 मिनट सामाजिक-भावनात्मक विकास के लिए निर्धारित किए जाते हैं। इसमें सचेतनता, कहानी, संवादात्मक गतिविधि और अभिव्यक्ति शामिल हैं।
व्यापक पहुंच और सकारात्मक प्रभाव
वर्तमान में आनंदम पाठ्यचर्या लगभग 16,000 विद्यालयों तक पहुंच चुकी है। इससे 30,000 शिक्षक और करीब दो लाख विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। शोध अध्ययनों से बच्चों की एकाग्रता, सहानुभूति और संबंध निर्माण में सकारात्मक बदलाव दिखे हैं। शिक्षकों के कक्षा प्रबंधन में भी सुधार आया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड की इस पहल में विशेष रुचि दिखाई और इसकी सराहना की।