उत्तरकाशी जिले के पुरोला में स्थित गोविंद वन्यजीव विहार और राष्ट्रीय पार्क की सुपिन वन रेंज में वन विश्राम गृहों, मार्गों की मरम्मत और घेरबाड़ के नाम पर 39 लाख रुपये के घोटाले में आखिरकार वन विभाग जाग ही गया।
वन मुख्यालय के निर्देश पर इस मामले में जांच टीम गठित कर अगले पांच दिन में रिपोर्ट तलब की गई है। पार्क की सुपिन रेंज में बीते कुछ वर्षों में वन विभाग के अधिकारियों ने मिलीभगत कर सरकारी धन की बंदरबांट की है। एक शिकायत के बाद वर्ष 2021 में तत्कालीन उप निदेशक डीपी बलूनी ने सुपिन रेंज में कराए गए कामों का निरीक्षण कर रिपोर्ट बड़े अफसरों को सौंप दी थी।
Uttarakhand: गोविंद वन्यजीव विहार व राष्ट्रीय पार्क की सुपिन में गड़बड़झाला होता रहा, वन विभाग सोता रहा
उन्होंने कामों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं उजागर करते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग का ब्योरा प्रस्तुत किया था, लेकिन वन अधिकारियों ने उनकी रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अमर उजाला की ओर से इस मामले में सिलसिलेवार एक-एक कड़ी को प्रस्तुत करते हुए खबरें प्रकाशित की गईं।
खबरों का संज्ञान लेते हुए अब प्रमुख वन संरक्षक (हाॅफ) अनूप मलिक के निर्देश पर उप निदेशक गोविंद वन्यजीव विहार व राष्ट्रीय पार्क की उप निदेशक डॉ. अभिलाषा सिंह ने मामले में रेंजर सुपिन रेंज के निर्देशन में एक जांच टीम गठित की है। टीम को पांच कार्यदिवस के भीतर जांच रिपोर्ट फोटोग्राफ के साथ पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) अनूप मलिक की ओर से इसकी पुष्टि की गई है।