‘अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना’ के तहत राज्य के सेवारत, सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों व उनके आश्रितों को उपचार के लिए निर्धारित जांच के लिए निजी क्षेत्र की पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों को भी सूचीबद्ध किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को भर्ती होने पर चिकित्सालयों में अलग-अलग श्रेणी की बेड की सुविधा भी दी जाएगी। यह सुविधा श्रेणी के अनुसार निर्धारित की जाएगी। राज्य के बाहर के निजी बड़े अस्पतालों द्वारा किए गए उपचार का भुगतान सीजीएचएस (केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना) की ओर से निर्धारित दरों के अनुसार किया जाएगा।
सार्वभौमिक योजना के तौर पर किया लागू
कैबिनेट में निर्णय लिया गया कि ‘अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना’ को सार्वभौमिक योजना के तौर पर लागू किया जाएगा। राज्य में विभिन्न इलाकाें में रहने वाले ऐसे लोग जो किसी अन्य राजकीय स्वास्थ्य बीमा योजना से आच्छादित नहीं है उनको भी पांच लाख रुपये प्रति परिवार के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
1350 बीमारियों का होगा इलाज
‘अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना’ के तहत 1350 प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जाएगा। इनमें हृदय रोग, नेत्र रोग, नाक-कान-गला रोग, हड्डी रोग, जच्चा-बच्चा, ट्रामा, न्यूरोलॉजी, मानसिक रोग, कैंसर, नवजात एवं बाल रोग, गुर्दा रोग जैसी बीमारियों का इलाज किया जाएगा। शर्त यह है कि योजना का लाभ लेने के लिए मरीज को अस्पताल में भर्ती होेना जरूरी होगा। भर्ती होने से तीन दिन पहले की जांच के लिए किए गए भुगतान भी योजना के तहत देय होगा।
योजना को लोकप्रिय एवं सरल बनाने के लिए कैबिनेट ने निर्णय लिया कि पर्वतीय क्षेत्रों में संचालित अस्पतालों को निर्धारित पैकेज दर पर 10 फीसदी अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त राज्य में स्थित उच्च एवं विशेषज्ञ सुविधायुक्त (एनएबीएच) अस्पतालों के लिए भी पैकेज दर में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया गया है।
अधिकारियों के वेतन से होगी 400 रुपये प्रतिमाह की कटौती
कैबिनेट में लिए गए निर्णय के मुताबिक राज्य के प्रथम श्रेणी के अधिकारियों के वेतन से 400 रुपये, द्वितीय श्रेणी अधिकारियाें से 300, तृतीय श्रेणी कर्मचारियों से 200 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वेतन से 100 रुपये प्रतिमाह की कटौती होगी। जबकि आमजन को इसके लिए कोई चार्ज नहीं देना होगा। उसे केवल अपना और अपने परिवार के सदस्यों के नाम का पंजीकरण कराना होगा।