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उत्तराखंड: बरेली-नैनीताल हाईवे पर दर्दनाक हादसा, कार में सवार एक ही कुनबे के चार लोगों की मौत, अस्पताल में हंगामा

Sun, 28 Feb 2021 09:19 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी

सार

  • टाइल्स ठेकेदार परिवार के साथ भांजे की सगाई में शामिल होकर लौट रहे थे
  • पत्नी और भाई घायल, कार की बॉडी काटकर निकाले गए घायल, अस्पताल में हंगामा  
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हल्द्वानी में ट्रक की टक्कर से चार लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड के हल्द्वानी में हल्दूचौड़ में बरेली-नैनीताल हाईवे पर शनिवार देर रात तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से ऑल्टो कार में सवार टाइल्स ठेकेदार सहित उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। ठेकेदार की पत्नी और भाई घायल हो गए। दोनों घायलों को एसटीएच में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखचे उड़ गए। कार की बॉडी काटकर घायलों को मुश्किल से बाहर निकाला गया।  

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इंदिरानगर बड़ी रोड निवासी टाइल्स के ठेकेदार शाहिद रजा (35) अपने भांजे की सगाई में शामिल होने के लिए परिवार के साथ शुक्रवार को सितारगंज  गए थे। समारोह के बाद शनिवार की रात शाहिद ऑल्टो कार से घर लौट रहे थे। हल्दूचौड़ स्थित इंडियन ऑयल प्लांट के समीप तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से कार में सवार ठेकेदार का परिवार बुरी तरह घायल हो गया।

कार के परखचे उड़ गए। स्थानीय लोगों ने कार की बॉडी काटकर एक बच्चे सहित छह घायलों को बाहर निकाला। सुशीला तिवारी अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद ठेकेदार शाहिद रजा, उसके बेटे गॉजी (03), भतीजे अरसुल (18) पुत्र शाकिर रजा, आसमां (21) पत्नी राशिद को मृत घोषित कर दिया। शाहिद की घायल पत्नी शाजिया और भाई राशिद का अस्पताल में इलाज चल रहा है। शाजिया की हालत गंभीर बताई जा रही है। लालकुआं थाना पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है। 
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हादसे की सूचना मिलने पर कांग्रेस नेता अब्दुल मतीन अहमद सिद्दीकी, सपा के प्रदेश महासचिव शुएब अहमद सहित काफी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। कुछ देर में भीड़ सुरक्षाकर्मियों के नियंत्रण से बाहर हो गई। अस्पताल के अंदर और बाहर हंगामा होने पर डॉक्टरों को इलाज करना मुश्किल हो गया था। देर रात पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में भेज दिया।

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चार मौतों के बाद भी झांकने तक नहीं आए अफसर

अमूमन बड़े सड़क हादसे की जानकारी लेने के लिए पुलिस अधिकारी घटनास्थल और अस्पताल पहुंच जाते हैं लेकिन शनिवार को एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के बाद भी कोई पुलिस अधिकारी अस्पताल में झांकने तक नहीं आया। भीड़ सुरक्षाकर्मियों को धकेलते हुए अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में घुस गई थी। 

लालकुआं रोड पर दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर कांग्रेस नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के भाई जावेद अपने दोस्तों के साथ गए। वहां स्थानीय लोग कार से घायलों को निकालने में जुटे थे लेकिन स्थानीय पुलिस नदारद थी। इस बीच रास्ते से गुजर रहे आरटीओ रोड चौकी प्रभारी निर्मल सिंह लटवाल और मनोज ने घायलों को निकालने में मदद की। जावेद का कहना था कि स्थानीय पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। 

अस्पताल में घायलों को देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। चीख पुकार के चलते अस्पताल करुण क्रंदन से गूंज उठा। अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने आपातकालीन कक्ष का दरवाजा बंद करने का प्रयास किया  लेकिन भीड़ अंदर घुस गई। अंदर डॉक्टरों और नर्सों का काम करना मुश्किल हो गया। काफी देर बाद कोतवाली थाने के एक दरोगा अस्पताल पहुंचे। दरोगा ने भीड़ को हटने का अनुरोध किया लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं था। दो घंटे बाद कोतवाली थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची।
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