हादसे के बाद डंपर चालक कुंवर पाल निवासी मबई जरैल शीशगढ़ (बरेली) डंपर को छोड़कर भाग गया। घटना के समय मिथुन का पिता कूड़ा बीनने और मां पूजा किसी के घर मजदूरी करने गई थी।
बस्ती के लोगों ने चालक को एक किमी दौड़ाकर स्टेडियम के पास पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। बाद में कोतवाली पुलिस ने चालक को पकड़ लिया। लोगों का कहना था कि चालक नशे में था। इस बीच लोगों ने पथराव कर डंपर के शीशे तोड़ दिए। कुछ लोग आग लगाने भी जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
पुलिस ने चालक को डंपर लेकर थाने चलने के लिए कहा तो लोगों ने घेराव कर दिया। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिस के समझाने पर ही लोग माने और चालक को भीड़ से निकाला। इस बीच भीड़ ने एक बार फिर डंपर पर पथराव शुरू कर दिया।
इससे से बचने के लिए पुलिस को छिपना पड़ा। चालक भी वन विभाग की चौकी के पास डंपर छोड़कर पुलिस चौकी में छिप गया। इसके बाद कोतवाली और बनभूलपुरा थाने से फोर्स बुला ली गई। पुलिस दूसरे चालक की मदद से डंपर को भोटिया पड़ाव पुलिस चौकी ले गई। बस्ती के लोगों का आरोप था कि रेता, बजरी की चोरी करने के लिए यहां बुग्गी और डंपर चल रहे हैं। कोई अधिकारी जांच नहीं करता है।