452 में से अब तक मात्र 33 मदरसों ने ली मान्यता
प्रदेश में 452 मदरसों में से अब तक मात्र 33 मदरसों ने शिक्षा विभाग से मान्यता ली है। जबकि 134 ने इसके लिए आवेदन किया है। इसमें सबसे अधिक 76 हरिद्वार जिले के हैं। इसके अलावा आठ देहरादून, 48 ऊधमसिंह नगर, दो नैनीताल जिले के हैं। शिक्षा विभाग इनमें से कुछ के आवेदन मानक पूरे न होने से रद्द कर चुका है।
बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की चुनौती
प्रदेश में बिना मान्यता चल रहे मदरसों के बंद होने के बाद सरकार के सामने इन संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की चुनौती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोई बच्चा मुख्यधारा की शिक्षा से वंचित न रहे इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।
मदरसा बोर्ड को खत्म कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का फैसला किसी समुदाय की पहचान या परंपरा को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों के बच्चों को बेहतर और समान शैक्षणिक अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना मान्यता चल रहे मदरसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
-डॉ.पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण