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उत्तराखंड: प्रदेश में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के 315 मामले, पुलिस जल्द करेगी बड़ी कार्रवाई 

Thu, 24 Dec 2020 02:10 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • केंद्र के सीसीआर पोर्टल ने भेजे उत्तराखंड पुलिस को सभी मामले, एक में हुई एफआईआर 
  • पुलिस की साइबर टीम कर रही सभी मामलों का सत्यापन, जल्द होगी बड़ी कार्रवाई 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में भी चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले बढ़ रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सीसीआर पोर्टल (साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) ने उत्तराखंड से संबंधित 315 मामले पुलिस मुख्यालय को भेजे हैं। अब इन मामलों का बड़े पैमाने पर सत्यापन किया जाएगा। शुरूआती जांच में एक मामले में देहरादून में पिछले दिनों एफआईआर दर्ज भी की गई है। पुलिस के अनुसार जल्द इन मामलों में बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी। 

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पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय ने इस साल चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर नजर रखने के लिए यह पोर्टल बनाया था। चाइल्ड पोर्नोग्राफी को लेकर लगातार नियमों और कानून को सख्त किया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए पोर्टल सभी राज्यों में सोशल मीडिया पर नजर रखता है। हाल में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों को उनके यहां के चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों की जानकारी दी गई है। इनमें उत्तराखंड के 315 मामले शामिल हैं। 

अधिकारियों के मुताबिक मंत्रालय की इस विंग ने सभी मामलों को उत्तराखंड से संबंधित होना बताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इससे पहले इनके सत्यापन के लिए टीमें गठित की गई हैं। इन सभी मामलों को संबंधित जनपदों को भेजा जा रहा है। साथ ही वहां की साइबर सेल को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर से इनका सत्यापन करें। इन मामलों में सत्यापन के बाद तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाना है। 

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क्या होती है चाइल्ड पोर्नोग्राफी 

पोर्नोग्राफी के दायरे में ऐसे फोटो, वीडियो, लेख, ऑडियो व अन्य सामग्री आती है जिसकी प्रकृति यौन हो। यह नग्नता पर आधारित हो। ऐसी सामग्री को सोशल मीडिया पर वायरल करने या किसी को भेजने पर पोर्नोग्राफी निरोधक कानून लागू होता है। चाइल्ड पोर्नोग्राफी को देखना भी गैर कानूनी माना जाता है। 

कितनी है सजा 
आईटी एक्ट (संशोधन) 2009 की धारा 67बी के तहत इन मामलों में मुकदमा दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही आईपीसी की धाराएं 292, 29 294, 500 और 509 भी इसमें शामिल होती हैं। इसमें पांच साल तक जेल या 10 लाख रुपये तक जुर्माना तक की सजा होती है। 

सीसीआरपी ने उत्तराखंड पुलिस को चाइल्ड पोर्नोग्राफी के 315 मामलों की जानकारी दी है। यह मामले उत्तराखंड से संबंधित बताए गए हैं। इन्हें संबंधित जिलों को भेज दिया गया है। पिछले दिनों देहरादून में एक मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी सभी मामलों का सत्यापन करने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।
-निलेश आनंद भरणे, डीआईजी एसटीएफ व प्रवक्ता पुलिस मुख्यालय
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