पोर्नोग्राफी के दायरे में ऐसे फोटो, वीडियो, लेख, ऑडियो व अन्य सामग्री आती है जिसकी प्रकृति यौन हो। यह नग्नता पर आधारित हो। ऐसी सामग्री को सोशल मीडिया पर वायरल करने या किसी को भेजने पर पोर्नोग्राफी निरोधक कानून लागू होता है। चाइल्ड पोर्नोग्राफी को देखना भी गैर कानूनी माना जाता है।
कितनी है सजा
आईटी एक्ट (संशोधन) 2009 की धारा 67बी के तहत इन मामलों में मुकदमा दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही आईपीसी की धाराएं 292, 29 294, 500 और 509 भी इसमें शामिल होती हैं। इसमें पांच साल तक जेल या 10 लाख रुपये तक जुर्माना तक की सजा होती है।
सीसीआरपी ने उत्तराखंड पुलिस को चाइल्ड पोर्नोग्राफी के 315 मामलों की जानकारी दी है। यह मामले उत्तराखंड से संबंधित बताए गए हैं। इन्हें संबंधित जिलों को भेज दिया गया है। पिछले दिनों देहरादून में एक मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी सभी मामलों का सत्यापन करने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।
-निलेश आनंद भरणे, डीआईजी एसटीएफ व प्रवक्ता पुलिस मुख्यालय