अमर उजाला की नकली डिग्री और असली नौकरी की मुहिम सफलता के शिखर पर पहुंच गई है। शिक्षा विभाग ने 59 शिक्षकाें के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एसआईटी को भेज दी है। विभाग ने अब तक 27 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का दावा किया है। इनमें से सबसे ज्यादा 19 शिक्षक हरिद्वार जिले के हैं। अमान्य डिग्री में फंसे 12 शिक्षकों के खिलाफ हाईकोर्ट से स्थगनादेश होने के कारण वैधानिक कार्रवाई न होने का हवाला दिया गया है। एसआईटी जांच लंबित होने के कारण अभी और चेहरे बेनकाब होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
शिक्षा विभाग में अमान्य डिग्री से नियुक्तियाें की मुहिम को अमर उजाला 16 माह के लंबे प्रयासों के बाद अंजाम तक पहुंचाने में कामयाब रहा है। अमर उजाला ने अपने आधार पर जुटाए गए अमान्य दस्तावेजाें के आधार पर मुहिम शुरू की थी। शुरुआती दौर में विभागीय अधिकारियों ने अमान्य डिग्री के प्रकरणों को गंभीरता से नहीं लिया। आखिरकार तथ्यपरक रिपोर्टिंग का संज्ञान लेकर सरकार ने अगस्त 2017 में प्रमाण पत्राें की जांच को सीबीसीआईडी की अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे की अगुवाई में एसआईटी गठित कर दी थी। शासन के आदेश के बावजूद तीन माह तक एसआईटी को दस्तावेज के लिए इंतजार करना पड़ा था। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के हस्तक्षेप के बाद प्रमाण पत्र मिलने की प्रक्रिया शुरू हो सकी। एसआईटी ने जांच शुरू की तो एक-एक कर अमान्य डिग्री से नौकरी के खेल का खुलासा होता चला गया। एसआईटी ने विभागीय अधिकारियाें को 62 मामलों में कार्रवाई की संस्तुति की थी, जिनमें से अभी तक 23 मुकदमे पंजीकृत हो सके हैं।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक अमान्य डिग्री से जुड़े 59 प्रकरणों में हुई विभागीय कार्रवाई का पूरा लेखा-जोखा एसआईटी को भेजा गया है, क्याेंकि एसआईटी कई बार कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट मांग रही थी। इनमें से 27 शिक्षकाें को बर्खास्त कर दिया गया है। इनमें सबसे ज्यादा 19 शिक्षक हरिद्वार के है। इसके अलावा देहरादून और रुद्रप्रयाग के भी तीन-तीन शिक्षक शामिल हैं। छह शिक्षकाें को निलंबित किया जा चुका हैं। पांच को आरोप पत्र देने के साथ पांच को वैधानिक कार्रवाई से पहले सुनवाई का अवसर दिया गया है। 12 प्रकरण ऐसे है, जो नैनीताल हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं।
एसआईटी जांच अभी चल रही है। 62 प्रकरणों में शिक्षा विभाग को कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इनमें से 32 शिक्षकाें के खिलाफ 23 मुकदमे दर्ज कराए गए है। शिक्षा विभाग द्वारा 59 प्रकरणों में रिपोर्ट भेजने की बात कही है। किसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी अभी उनके पास नहीं है।
-श्वेता चौबे, प्रभारी, एसआईटी, सीबीसीआईडी