विश्व बाजार आर्गेनिक उत्पादों की बढ़ती डिमांड ने उत्तराखंड के किसानों को खेती में नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया है। किसानों के इसी उत्साह को देखते हुए राज्य में 50 प्रतिशत आर्गेनिक खेती का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2000 में आठ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर खेती होती थी।