मानदेय बढ़ाए जाने का निर्णय
इसके बाद से कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर हैं, जिससे राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों, शिक्षा विभाग, ऊर्जा निगम, वन विभाग आदि विभागों में काम पर इसका असर पड़ा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कर्मचारियों के आंदोलन के बाद सरकार की ओर से इनका 10 प्रतिशत मानदेय बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है। उपनल कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इनके पदों को अधिसंख्यक घोषित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
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उपनल कर्मचारी विभिन्न विभागों में पिछले कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उनके पदों को पद के सापेक्ष बन बताते हुए कई कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। जो उनके साथ अन्याय है। उनके पदों को अधिसंख्यक घोषित करने के साथ ही उनका मानदेय बढ़ाया जाए। विनोद गोदियाल, प्रदेश संयोजक, उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा
उपनल कर्मचारियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मैं अनुमोदन दे चुका हूं, उनकी अन्य मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। -गणेश जोशी, सैनिक कल्याण मंत्री