राज्य में 134 करोड़ रुपये की लागत से लागू राज्य मोटा अनाज नीति के तहत मंडुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी एवं चीना को शामिल किया गया है। इसके तहत पहले चरण में 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल के 24 विकासखंडों एवं द्वितीय चरण में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल के 44 विकासखंडों का चयन किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में पांच हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5,386 मीट्रिक टन मोटे अनाज का क्रय किया जा चुका है।
बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत आगामी वर्ष में नौ हजार लोगों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, एसएन. पाण्डेय, वी. षणमुगम, धीराज गर्ब्याल आदि मौजूद रहे।
जीआई टैग के लिए इन्हें किया गया चिह्नित
जीआई टैग के लिए राज्य का पहाड़ी आलू, नींबू, कौसानी की चाय, नैनीताल ज्योलिकोट का शहद, अल्मोड़ा सिंगोडी मिठाई, काफल, हर्षिल की राजमा सहित 25 उत्पादों को जीआई टैग के लिए चिह्नित किया गया है।