सौर स्वरोजगार योजना के तहत सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों को पांच श्रेणी में बांटा है। इसके तहत श्रेणी-ए में पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर को रखा गया है। श्रेणी-बी में अल्मोड़ा, पौड़ी और टिहरी के पर्वतीय बहुल क्षेत्र, नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय बहुल क्षेत्र शामिल हैं।
श्रेणी-बी प्लस में पौड़ी के दुगड्डा के कोटद्वार, सिगड्डी और इनसे जुड़े मैदानी क्षेत्र, टिहरी के फकोट के ढालवाला मुनिकीरेती, तपोवन और उससे जुड़े मैदानी क्षेत्र, नैनीताल के कोटाबाग का पूरा क्षेत्र और देहरादून के कालसी विकासखंड का क्षेत्र शामिल है। श्रेणी-सी में देहरादून के रायपुर, सहसपुर, विकासनगर व डोईवाला के समुद्रतल से 650 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र शामिल हैं।
इसके अलावा नैनीताल के रामनगर व हल्द्वानी भी इसी श्रेणी में आते हैं। श्रेणी-डी में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के साथ देहरादून व नैनीताल का मैदानी क्षेत्र शामिल है। श्रेणी-ए में 25 प्रतिशत, श्रेणी-बी और बी प्लस में 20 प्रतिशत और श्रेणी सी व डी में 15 प्रतिशत की सब्सिडी सरकार की ओर से दी जा रही है।