सौर ऊर्जा भी दूर की कौड़ी
प्रदेश में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा के लिए सरकारों ने बड़े दावे किए हैं लेकिन अभी इसका बिजली उत्पादन दूर की कौड़ी है। हालात यह हैं कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के लक्ष्य के सापेक्ष महज 30 प्रतिशत ही प्रोजेक्ट आवंटित हो पाए हैं। यूपीसीएल की सौर ऊर्जा परियोजना से भी ऊर्जा बचत का लक्ष्य काफी पीछे है।
यूजेवीएनएल की इन परियोजनाओं का चल रहा निर्माण
लखवाड़ - 300 मेगावाट
पाला मनेरी - 480 मेगावाट
भैरों घाटी - 381 मेगावाट
बॉवला नंदप्रयाग - 300 मेगावाट
नंदप्रयाग लंगासू - 100 मेगावाट
टमक लता - 280 मेगावाट
सरकारी भयोल - 120 मेगावाट
सेला पिथौरागढ़ - 230 मेगावाट
तालुका संकरी - 140 मेगावाट
ऋषिगंगा-1 - 70 मेगावाट
ऋषिगंगा-2- 35 मेगावाट
मधमहेश्वर - 15 मेगावाट