मुख्य परेड की शुरुआत परेड के पंक्तिबद्ध होने से हुई। परेड के बाद 15 अगस्त को पदक की घोषणा वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पदक भी लगाए गए। कोविड नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केवल छह दस्तों ने ही परेड में भाग लिया। परेड के दौरान पुलिस जवानों के बीच छह फीट की दूरी रखी गई। इसके अलावा उनके हथियारों को भी सैनिटाइज किया गया।
बता दें कि पुलिस लाइन आने से पहले मुख्मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन किया। वहीं शहीद स्मारक पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते दिखे।
राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम के लिए पुलिस ने लाइन के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया गया है। विभिन्न प्वाइंट पर चेकिंग की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम
9.35 बजे- परेड पंक्तिबद्ध।
9.45 बजे- डीजीपी का पहुंचे।
9.50 बजे- मुख्यमंत्री पहुंच।
10.00 बजे- मुख्य अतिथि राज्यपाल पहुंचीं।
10.02 बजे- मुख्य अतिथि परेड का निरीक्षण किया।
10.30 बजे- पदक विजेताओं का अलंकरण।
10.45 बजे- परेड कमांडर का मुख्य अतिथि को परेड परिचय।
10.55 बजे- पुलिस द्वारा साहसिक खेलों का प्रदर्शन।
11.15 बजे- परेड का समापन।