विकास दर....6.87 प्रतिशत
प्रदेश की अर्थव्यवस्था (जीडीपी)
2000-2001 14501 करोड़ रुपये
2018-19 245895 करोड़ रुपये
प्रति व्यक्ति आय
2000-2001 15286 रुपये
2018-19 198783 रुपये
ऐसे बदली अर्थव्यवस्था
2000-2001
कृषि क्षेत्र 30.1
औद्योगिक क्षेत्र 18.79
सेवा क्षेत्र 51.11
(अर्थव्यवस्था में हिस्सा प्रतिशत में)
2018-19
कृषि क्षेत्र 10.57
औद्योगिक क्षेत्र 48.93
सेवा क्षेत्र 40.50
-2018-19 में प्रदेश में 3.66 करोड़ घरेलू पर्यटक और .015 करोड़ विदेशी पर्यटक राज्य में पहुंचे। केदारनाथ सहित चारो धामों में रिकार्ड लोग पहुंचे।
-2017 में बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म अवार्ड
-2012 में बेस्ट एमर्जिंग टूरिस्ट अवार्ड हासिल किया। अब देश का पहला आध्यात्मिक इको जोन बनाने की तैयारी। योग की राजधानी का खिताब हासिल किया।
ऊर्जा
- 27 हजार मेगावाट जल विद्युत ऊर्जा उत्पादन की क्षमता। अब सौर ऊर्जा, पिरुल से उर्जा आदि के विकास की भी कोशिश
रोजगार
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग
2000-2001 40,845
2018-19 2,98,774
निवेश
2000-2001 707 करोड़
2018-19 12743. 57 करोड़
भारी उद्योग
2000-2001 29,650
2018-19 105827
निवेश
2000-2001 8322 करोड़
2018-19 36388 करोड़
- पर्वतीय क्षेत्र और मैदानी क्षेत्रों के बीच की विषमता की खाई को कम करना।
- गांवों से हो रहे पलायन को रोकना और उन्हें फिर से आबाद करना।
- मौसम के बदलाव का सामना करने को कारगर रणनीति पर काम करना।
- राज्य के बजट का बेहतर प्रबंधन, सरकारी खर्च पर अंकुश और राजस्व के स्रोत बढ़ाना।
- पर्वतीय और मैदानी इलाकों के दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य की व्यवस्था करना।
- लोगोें की भावनाओं के अनुरूप स्थायी राजधानी की तलाश।