राज्य के महत्वपूर्ण शैलेश मटियानी पुरस्कार में हरिद्वार जिला गोल हो गया है। जिले से एक भी शिक्षक का चयन राज्य स्तरीय इस पुरस्कार में नहीं हो सका है। प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षकों को शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
मंगलवार को शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से पुरस्कार के लिए प्रारंभिक शिक्षा में राज्य से 8 और माध्यमिक शिक्षा में 11 अध्यापकों का चयन करने के लिए सूची जारी कर दी गई है, लेकिन हरिद्वार से प्रारंभिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा में से एक भी शिक्षक का नाम पुरस्कार के लिए चयनित नहीं हो सका है।
जबकि पिछले साल जिले में दो शिक्षक का चयन किया गया था, जिनमें एक प्रारंभिक और एक माध्यमिक से लिया गया था, लेकिन इस बार एक भी शिक्षक का नाम नहीं होने से शिक्षा विभाग में मायूसी छाई हुई है। उधर, उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश सैनी का कहना है कि जनपद के साथ जो सौतेला रैवेया अपनाया जा रहा है, उसी मानसिकता के चलते कहीं न कहीं जिले के शिक्षकों के साथ दोहरी नीति अपनाते हुए एक भी शिक्षक का चयन नहीं किया गया है, जबकि जनपद में कई ऐसे अध्यापक हैं, जिनका इस पुरस्कार के लिए चयन होना चाहिए था।
कई शिक्षकों ने पुरस्कार के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन एक भी शिक्षक का नाम सूची में न आने से संघ कड़ा रोष जताता है। इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से मिला जाएगा।