ये सेवाएं होंगी विकसित
- प्रॉपर्टी टैक्स एसेसमेंट और भुगतान
- विविध चार्ज एकत्रीकरण
- पानी और सीवेज कनेक्शन मैनेजमेंट
- ट्रेड लाइसेंस और भुगतान
- पब्लिक ग्रीवांस रेडरेसल
- फायर एनओसी
- फाइनेंस और अकाउंटिंग मॉड्यूल
- सेप्टिक टैंकों या अन्य संचित जल निकासी प्रणालियों से स्लज निकालने की प्रक्रिया
- पालतू कुत्तों का पंजीकरण
- ई-वेस्ट प्रबंधन
- कम्यूनिटी हॉल बुकिंग
- परिसंपत्तियों का प्रबंधन
- रेहड़ी-ठेली वालों का प्रबंधन
- विज्ञापन व होर्डिंग
- कूड़ा प्रबंधन के तहत निर्माण और तोड़फोड़
-नागरिक अनुरोध सेवाएं (पेयजल टैंक, मोबाइल टॉयलेट)
- नगर सेवा केंद्र
- जीआईएस मॉड्यूल
(नोट:- जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सेवाएं पहले से संचालित हैं, जो यहां इंटिग्रेट की जाएंगी)
उत्तराखंड के सभी नगर निकायों के एमएसएससी प्रोजेक्ट को केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद निश्चित तौर पर सेवाओं का लाभ आसानी से नागरिकों तक पहुंचेगा। शहरी विकास विभाग आईटीडीए के सहयोग से इसका एकीकृत मंच तैयार करेगा।
- नितेश झा, सचिव, शहरी विकास एवं आईटी