फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड में बारिश का कहर, गढ़वाल- कुमाऊं में भूस्खलन और मलबा आने से 130 सड़कें बंद

Wed, 17 Jul 2019 08:46 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
रास्ता बंद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

लगातार मूसलाधार बारिश के चलते प्रदेश भर की करीब 130 सड़कें मलबा आ जाने के कारण जाम हो गई हैं। चारों धामों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे में कुछ स्थानों पर मलबा आ गया था, जिसे हटा दिया गया है। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी सड़कों से मलबा हटाने में जुटी है।

विज्ञापन

मंगलवार देर शाम तक 39 प्रमुख मार्गों को खोल दिया गया था। लेकिन फिर बारिश होने से कुछ स्थानों पर मलबा आ गया, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। अभी भी 90 से अधिक मार्ग नहीं खोले जा सके हैं।

इनमें सबसे अधिक ग्रामीण मोटर मार्ग हैं। लोनिवि के मुख्य अभियंता अयाज अहमद का कहना है कि सभी अवरुद्ध मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों को खोलने के लिए 95 जेसीबी मौके पर मौजूद हैं। 
विज्ञापन


मुख्य मार्गों को पहले खोलने की प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि विभागीय इंजीनियरों को निर्देश हैं कि वे मुख्य मार्गों को सबसे पहले खोलेंगे और उसके बाद उन मार्गों को तत्काल खोलने का प्रयास करेंगे, जिनमें यातायात का अधिक दबाव है। 

प्रदेश के प्रमुख मार्ग जो अवरुद्ध हैं 

उत्तरकाशी :  बंछौरा-बदरी गाड़ स्टेट हाईवे
चमोली : बुंगीधार-महलचौरी स्टेट हाईवे, बिरही-गोना 
पौड़ी : लक्ष्मणझूला-दुगड्डा, घाटूगाड़-सिलोगी मोटर मार्ग, खिर्सू-पोखरी-खेड़ाखाल
पिथौरागढ़ : कर्णप्रयाग-ग्वालदम-बागेश्वर-चौकोड़ी, सतसिलिंग-थल, तवाघाट-नारायण आश्रम
नैनीताल : खुटानी-पतलोट मोटरमार्ग
देहरादून : डामटा मोटर मार्ग, साहिया-क्वानू मोटर मार्ग

अवरुद्ध मार्गों का ब्योरा

मार्ग           कुल बंद     खोले गए
नेशनल हाईवे      2    2
स्टेट हाईवे    10    3
मुख्य जिला मार्ग   6   1
सामान्य जिला मार्ग   7     1
ग्रामीण सड़कें 57  18    
पीएमजीएसवाई की सड़कें 48 14
कुल योग  130  39
नोट: मार्गों को खोलने के लिए 95 जेसीबी काम कर रही हैं - -

कैलाश मार्ग जगह-जगह हुआ बंद, यात्रियों ने झेली परेशानी 

सोमवार रात से समूचे कुमाऊं में रुक रुक कर बारिश जारी है। इसके चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग जगह-जगह बाधित हो गया। धारचूला-तवाघाट के बीच चेतलकोट में सड़क पर मलबा आने से कैलाश यात्रियों को एक घंटा रुकना पड़ा। इसके बाद उन्हें तीनतोला, पांगला में साढ़े पांच घंटे इंतजार करना पड़ा। देरी के चलते यात्री बूंदी न जाकर रात्रि विश्राम पांगला में करेंगे। उधर बूंदी से धारचूला आ रहे पांचवें दल के 56 यात्रियों को भी दो से ढाई घंटे सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। बोल्डर और मलबा आने से भवाली-अल्मोड़ा एनएच पाडली में साढ़े छह बजे से 9 बजे तक बंद रहा। 

टनकपुर-चंपावत मार्ग सुबह करीब छह बजे बंद हो गया। पुलिस ने पहाड़ को जाने वाले वाहनों को ककरालीगेट बैरियर पर रोक दिया। करीब साढ़े पांच घंटे बाद मार्ग खुल पाया। सूखीढांग-डांडा-मीडार मार्ग भी सुबह सात बजे  बंद हो गया, जो 1:30 बजे खुला। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर टिपनटॉप, चल्थी, स्वांला, धौन और तिलौन में पत्थर और मलबा गिरने से मंगलवार को करीब छह घंटे वाहनों की आवाजाही ठप रही। आवाजाही करीब दोपहर सवा 12 बजे सुचारु हो सकी। 
विज्ञापन

किरोड़ा नाले में मैक्स बहते-बहते बची

बारिश से किरोड़ा और बाटनागाड़ नाले के उफान से पूर्णागिरि मार्ग करीब दो घंटे बंद रहा। नायकगोठ रोखड़ पर किरोड़ा के उफान में यात्रियों से भरी एक मैक्स बहने से बाल-बाल बची। मार्ग बंद रहने से दोनों ओर यात्री फंसे रहे। जल स्तर कम होने के बाद यातायात सुचारु हो पाया।

गरुड़ रानीखेत में दो मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर जिले की देवानाई घाटी के घिरतोली और रानीखेत के सौखोला नाफड़ा में एक एक मकान क्षतिग्रस्त हो गए। रानीखेत में पिपना-मनहेत और सल्ट में चकरगांव-घुघती सड़क मंगलवार सुबह बंद हो गए, जिन्हें दोपहर बाद खोला जा सका। इधर, गरुड़ में गागरीगोल-नरग्वाड़ी-तिलसारी, गरुड़ -बिनातोली-फल्याटी-कपकोट, कौसानी-भतेड़िया, डंगोली सैलानी सड़क पर भूस्खलन होता रहा। बागेश्वर में पोथिंग-शोभाकुंड सड़क पांच जुलाई से, कमेड़ी-भैसोड़ी सड़क दो दिन से बंद है।

बारिश से अभी तक मुख्य मार्गों पर बड़ी समस्या सामने नहीं आई है। सभी प्रमुख मार्ग खुले हैं, जहां मार्ग बंद हो रहे हैं, उन्हें तत्काल खोलने के निर्देश दिए गए हैं। इस साल चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में यात्री आ रहे हैं। बरसात शुरू हो गई है। यदि कोई बड़ी दिक्कत होगी तो उसी हिसाब से कदम उठाए जाएंगे।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें