पूछताछ में इनामी दीपा ने बताया कि वह 12 सालों से फरारी काट रहा है। उसके खिलाफ ऊधमसिंनह नगर में लूट, हत्या और डकैती के कई मुकदमे दर्ज हैं। हथियार बनाकर वह इन्हें बाहर सप्लाई करता था। एसटीएफ एसएसपी ने बताया कि इनके कब्जे से दो बंदूक 12 बोर, एक पिस्तौल 32 बोर और 28 बंदूक की नाल व कुछ कारतूस बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह सब उनके द्वारा ही बनाए गए थे।
तराई का विरप्पन कहलाता था दीपा
दीपा बदमाश के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा वह 12 सालों से कई ऐसे कारनामे कर रहा था, जिनसे लोगों के दिलों में खौफ था। वह नेपाल के सीमावर्ती जनपदों में भी सक्रिय था। उसे तराई का विरप्पन भी कहा जाता था। वर्तमान में पुलिस इसके ऊपर इनाम को और बढ़ाने की तैयारियां भी कर रही थी।
कई दिन भेष बदलकर रहे बाजवा
एसएसपी ने बताया कि कई दिनों से एसआई यादवेंद्र सिंह बाजवा और उनकी टीम वहां पर जुटी थी। इस दौरान एसआई बाजवा जंगलों में भेष बदलकर रह रहे थे। ताकि, वहां किसी को उनके ऊपर शक न हो। अंत में 36 घंटों में वे पूरी तरह से सक्रिय हो गए और बदमाशों का पता खोज निकाला। बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली टीम को डीजीपी अशोक कुमार ने 20 हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।