उत्तराखंड सरकार ने बीते साल 3 दिसंबर से जूनियर स्कूलों को हाई स्कूल और हाई स्कूलों को इंटर कॉलेज में उच्चीकृत करना शुरू किया।
बहुगुणा के कार्यकाल में 99 स्कूल अपग्रेड
इस बाबत अब तक चार बार सूची जारी की जा चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यकाल में 99 स्कूल अपग्रेड हुए। एक फरवरी को सीएम हरीश रावत के आने के बाद 16 स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए आदेश शुक्रवार को किया गया।
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जबकि 30 स्कूलों के प्रस्ताव भी प्रमुख सचिव शिक्षा को भेजे गए हैं। इसके अलावा 100 स्कूल अनुदान प्राप्त की श्रेणी में लाए गए हैं। लेकिन प्रदेश में अधिकांश उच्चीकृत स्कूलों में मानकों की अनदेखी की गई है।
यदि स्कूलों के उच्चीकरण के लिए मानकों की बात करें तो शिक्षा विभाग में हाईस्कूल के लिए आठ हजार की जनसंख्या या 8 किलोमीटर क्षेत्रफल को आधार बनाया जाता है।
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अगर इन दोनों मानकों के बावजूद उच्चीकृत करना हो तो छात्रों की संख्या अधिक होने के आधार पर स्कूल को अपग्रेड किया जा सकता है। बावजूद इन मानों को ख्याल नहीं रखा जा रहा है।
शिक्षा मंत्री के क्षेत्र में 13 स्कूल
शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग में 13 स्कूल उच्चीकृत किए गए हैं। कैबिनेट मंत्रियों में प्रीतम पंवार, अमृता रावत, विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल, यशपाल आर्य, सुरेंद्र राकेश, प्रीतम सिंह, हरीश चंद्र दुर्गापाल के विधानसभा क्षेत्र में स्कूलों को अपग्रेड किया गया है।
सैकड़ों पदों का भी सृजन
जूनियर हाईस्कूल से हाईस्कूल अपग्रेड होने पर प्रधानाध्यापक कर एक पद, सहायक अध्यापक के सात पद और वरिष्ठ सहायक का एक पद और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का एक पद यानी 9 पद सृजित होते हैं।
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इसी तरह एक हाईस्कूल से इंटर कॉलेज में अपग्रेड होने पर 14 पद सृजित होते हैं। सृजन का यह काम दूर की कौड़ी ही है।
उच्चीकरण में भी सियासत
‘शिक्षा मंदिर’ के उच्चीकरण में भी सियासत हो रही है। चुनावी सीजन के दस्तक देते ही सरकार अपने विधायकों के क्षेत्रों के स्कूलों को धड़ल्ले से उच्चीकृत कर रही है। सहयोगी दलों के विधायकों के इलाकों में भी सरकार खासी मेहरबान रही है।
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उनके हिस्से में 20 स्कूल आए हैं। विपक्षी दल भाजपा के विधायकों की संख्या कांग्रेस से बेशक सिर्फ दो ही कम हो, लेकिन उच्चीकरण के मामले में भाजपा विधायकों के हलके बुरी तरह पिछड़ गए हैं। आलम यह कि उनके हिस्से में सिर्फ 11 स्कूल आए हैं।
हरिद्वार में भवन नहीं
जिले में 16 जूनियर स्कूल उच्चीकृत किए गए थे। इनको उच्चीकृत कर हाईस्कूल बना दिया गया था। लेकिन नई कक्षाएं चलाने के लिए इमारत नहीं मिल पाई है। हाईस्कूल को जूनियर स्कूल के लिए बनी इमारत में ही चलाया जा रहा है।
पौड़ी में पद सृजित नहीं
जिले में वर्ष 2011 में छह स्कूलों (तीन हाई स्कूल और तीन इंटर कॉलेज) को उच्चीकृत किया गया। लेकिन इन स्कूलों के लिए शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए गए। हाल यह है कि इन उच्चीकृत हाईस्कूलों में व्यवस्था पर दो-दो शिक्षक तैनात किए गए हैं।
कोटद्वार में भवन नहीं
दुगड्डा ब्लाक में वर्ष 2012 में तीन जूनियर विद्यालयों को हाईस्कूल किया गया। जिनमें राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नालीखाल, हर्षूदेवी धार और सत्तीचौड़ को उच्चीकृत किया गया था।
मगर, अभी तक इन विद्यालयों में किसी प्रकार की व्यवस्थाएं नहीं की गई है। फर्नीचर तो दूर अभी भवन तक नहीं बन पाए हैं।