रविवार को हेमकुंड साहिब के मुख्य पड़ाव घांघरिया में फंसे सभी 25 सौ तीर्थयात्रियों को हेलीकॉप्टर और पैदल रेस्क्यू से सुरक्षित निकाल लिया गया है।
घांघरिया से साढ़े चार सौ तीर्थयात्रियों को हेलीकॉप्टर से और करीब दो हजार तीर्थयात्रियों को पैदल ही रेस्क्यू कर सकुशल जोशीमठ पहुंचाया गया है। जहां से तीर्थयात्री अपने घरों को लौट गए हैं। वहीं, बदरीनाथ धाम से भी 18 सौ तीर्थयात्रियों को वाहनों से जोशीमठ पहुंचाया गया।
जबकि अभी भी बदरीनाथ में सात सौ तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश तीर्थयात्री स्वेच्छा से बदरीनाथ में रुके हुए हैं। बीआरओ के अधिकारियों ने सोमवार शाम तक बदरीनाथ हाईवे के सुचारू होने का दावा किया है। लामबगड़ में हाईवे पूरी तरह से खुल गया है।
बैनाकुली में चट्टान से बार-बार पत्थर छिटकने से बीआरओ की मशीनों को सड़क बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। जोशीमठ से आगे मारवाड़ी में रविवार को बड़े वाहनों की आवाजाही भी सुचारू हो गई है।
मंडल आयुक्त सीएस नपच्याल और चमोली के जिलाधिकारी अशोक कुमार ने बैनाकुली तक जाकर बदरीनाथ हाईवे का निरीक्षण किया। अधिकारर यों ने बीआरओ और लोनिवि के अधिकारियों को शीघ्र हाईवे खोलने के निर्देश दिए।