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Uttarakhand: घाटे से उबरकर यूपीसीएल ने बंपर मुनाफा कमाया, लेकिन कमाई का बड़ा हिस्सा बिजली खरीद में खर्च

Sat, 20 Jun 2026 11:18 AM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

यूपीसीएल मुनाफे में आया लेकिन कमाई का बड़ा हिस्सा बिजली खरीद में लग गया।
बीते वित्तीय वर्ष में ऊर्जा निगम को हुआ 328 करोड़ का मुनाफा हुआ। यूपीसीएल ने 11,715 करोड़ कमाए। बिजली खरीद में 9407 करोड़  खर्च किए।

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बिजली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए घाटे से उबरकर बंपर मुनाफा कमाया है। निगम ने 328 करोड़ का लाभ तो अर्जित किया लेकिन कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा बिजली खरीद पर खर्च करने की चुनौती अभी भी सामने है।

यूपीसीएल की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय बढ़कर 11,715 करोड़ हो गई, जो पिछले वर्ष 11,032 करोड़ थी। परिचालन राजस्व बिजली की बिक्री और अन्य परिचालन से होने वाली आय 10,347 करोड़ से बढ़कर 11,010 करोड़ पर पहुंच गई है। निगम को अन्य स्रोतों से 705 करोड़ की आय हुई जो पिछले साल 685 करोड़ थी।

इस वित्तीय वर्ष में कुल खर्च 11,386 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष 11,098 करोड़ था। खर्चों का सबसे बड़ा हिस्सा बिजली खरीदने में गया, जो 9,170 करोड़ से बढ़कर 9,407 करोड़ रुपये हो गया। कर्मचारियों के वेतन व अन्य लाभों पर 509 करोड़ खर्च हुए जो पिछले वर्ष 474 करोड़ थे। मरम्मत व रखरखाव पर 507 करोड़ खर्च किए गए।

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बिजली चोरी और लाइन लॉस पर लगी लगाम

यूपीसीएल ने बिजली चोरी और लाइन लॉस को रोकने में भी कामयाबी हासिल की है। संचयी (कम्यूलेटिव) आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का एटीएंडसी लॉस घटकर 13.58 प्रतिशत पर आ गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 14.55 प्रतिशत था। इसके अलावा, निगम की बिलिंग दक्षता भी सुधरकर 87.92 प्रतिशत हो गई है। 31 मार्च 2026 तक यूपीसीएल की कुल संपत्ति और देनदारियों का आकार बढ़कर 14,646 करोड़ हो गया है, जो कि 31 मार्च 2025 को 11,500 करोड़ था।

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अभी भी बाजार से खरीदनी पड़ रही करीब दो करोड़ यूनिट

यूपीसीएल के लिए गर्मियों के मौसम में बिजली उपलब्धता बड़ी चुनौती है। वर्तमान परिस्थितियों को देखें तो बिजली की कुल मांग करीब छह करोड़ यूनिट है। इसके सापेक्ष राज्य पूल की 1.8 करोड़ यूनिट और केंद्रीय पूल की 2.1 करोड़ यूनिट मिलाकर कुल करीब 3.9 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है। उपलब्धता के लिए यूपीसीएल को अभी करीब दो करोड़ यूनिट बिजली बाजार से खरीदनी पड़ रही है। कुछेक फर्नेश इंडस्ट्री में एक से डेढ़ घंटे की कटौती भी हो रही है।

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