बिजली चोरी और लाइन लॉस पर लगी लगाम
यूपीसीएल ने बिजली चोरी और लाइन लॉस को रोकने में भी कामयाबी हासिल की है। संचयी (कम्यूलेटिव) आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का एटीएंडसी लॉस घटकर 13.58 प्रतिशत पर आ गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 14.55 प्रतिशत था। इसके अलावा, निगम की बिलिंग दक्षता भी सुधरकर 87.92 प्रतिशत हो गई है। 31 मार्च 2026 तक यूपीसीएल की कुल संपत्ति और देनदारियों का आकार बढ़कर 14,646 करोड़ हो गया है, जो कि 31 मार्च 2025 को 11,500 करोड़ था।
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अभी भी बाजार से खरीदनी पड़ रही करीब दो करोड़ यूनिट
यूपीसीएल के लिए गर्मियों के मौसम में बिजली उपलब्धता बड़ी चुनौती है। वर्तमान परिस्थितियों को देखें तो बिजली की कुल मांग करीब छह करोड़ यूनिट है। इसके सापेक्ष राज्य पूल की 1.8 करोड़ यूनिट और केंद्रीय पूल की 2.1 करोड़ यूनिट मिलाकर कुल करीब 3.9 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है। उपलब्धता के लिए यूपीसीएल को अभी करीब दो करोड़ यूनिट बिजली बाजार से खरीदनी पड़ रही है। कुछेक फर्नेश इंडस्ट्री में एक से डेढ़ घंटे की कटौती भी हो रही है।