फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) कैंपस स्थित पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी को आवंटित आवास पर यूपीसीएल ने अपना दावा ठोका है।
यूपीसीएल की ओर से इसको लेकर राज्य संपत्ति विभाग को भेजे पत्र में कहा गया है कि एनडी तिवारी द्वारा आवास खाली करते इसे यूपीसीएल को सौंप दिया जाए। क्योंकि यह आवास एफआरआई ने लीज पर यूपीसीएल को दे रखा है। यूपीसीएल द्वारा भी इसे एफआरआई को वापस किया जाना है।
राज्य गठन से पूर्व एफआरआई कैंपस में डीजल पावर हाउस के लिए बिजली विभाग को लीज पर जगह उपलब्ध कराई गई थी। जिसमें यह आवास भी शामिल है। आवास में बिजली विभाग के अधिकारी रहा करते थे। राज्य गठन के बाद इस आवास में शासन में तैनात अधिकारी रहने लगे। प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार भी इस आवास में रह चुके हैं। 2007 में पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी को यह आवास आवंटित किया गया।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तिवारी को यह आवास 15 फरवरी तक खाली करना है। इस संबंध में उन्होंने कोर्ट में शपथपत्र भी दे रखा है। तिवारी के आवास खाली करने की सुगबुगाहट के बीच यूपीसीएल ने राज्य संपत्ति विभाग के सचिव को पत्र भेज कर कहा है कि आवास खाली होते ही इसे यूपीसीएल को सौंप दिया जाए। यूपीसीएल का कहना है कि एफआरआई द्वारा अपनी जगह वापस मांगी जा रही है। यूपीसीएल ने भी एफआरआई से कह रखा है कि 15 फरवरी तक एनडी तिवारी आवास खाली कर देंगे।