उसी आधार पर चौबे को रिस्पना पुल के पास एक होटल के सामने से गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके पास से 0.40 की विदेशी ग्लॉक पिस्टल, 57 कारतूस और तीन मैगजीन बरामद की हैं। इसके अलावा इससे एक फोल्डिंग बट भी मिली है। इसकी मदद से फायरिंग की जा सकती है।
चौबे पर दो लाख रुपये का ईनाम है। उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के करीब 29 मुकदमे दर्ज हैं। बलिया से फरार होने के बाद चौबे पहले हरिद्वार आया था। कुछ समय एक आश्रम में रुकने के बाद बलिया में अपने विरोधियों को ठिकाने लगाता रहा।
हरिद्वार से निकलने के बाद इसने कई साल तक शिमला (हिमाचल प्रदेश) में ठेकेदारी की थी। दस साल से चौबे हिमाचल और उत्तराखंड में छिपा हुआ था। हाल में इस शातिर अपराधी ने अपने समधी के नाम रायवाला में जमीन और एक फ्लैट खरीदा हुआ है। इसी फ्लैट में चौबे अपनी पत्नी के साथ नाम बदलकर रह रहा था।