बेशकीमती हैं परिसंपत्तियां
देहरादून, काशीपुर, हल्द्वानी, जसपुर, हरिद्वार में उत्तर प्रदेश आवास विकास की बेशकीमती संपत्तियां हैं। उक्त परिसंपत्तियों की कीमत लगभग दो हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। 9 नवंबर 2000 को राज्य निर्माण के बावजूद लगभग 19 वर्षों में उक्त परिसंपत्तियों के संबंध में दोनों राज्यों के बीच समझौता नहीं हो पाया था। अब समझौते के बाद मामला लंबित है।
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विनियम इसलिए है जरूरी
उत्तराखंड की स्थापना के बाद इन जमीनों को लेकर हमेशा विवाद रहा। यूपी सरकार ने करीब छह साल पहले अपने विनियम बदल दिए थे। इससे पूर्व के नियम यहां लागू थे। उत्तराखंड का यह विनियम इसलिए बनाया जा गया है, ताकि इन जमीनों के आवंटन की पूरी प्रक्रिया तैयार की जा सके। आवंटन के नियम, दाखिल खारिज के मानक इसमें शामिल होंगे।