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उत्तराखंड में पलायन को बढ़ावा दे रहा 'यूपी'

Mon, 23 Dec 2013 11:10 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में यूपी निर्माण निगम की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। प्रदेश में हो रहे निर्माण कार्यों में निगम ने स्थानीय युवाओं को काम देने से इंकार कर दिया है।
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लोगों में निगम को लेकर नाराजगी
इससे स्थानीय लोगों में निगम को लेकर नाराजगी है। लोगों ने प्रदेश की निर्माण एजेंसियों से ही काम कराए जाने की मांग की है।

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चिन्यालीसौण में हवाई पट्टी के निर्माण में यूपी निर्माण निगम पर आरोप है कि यूपी और हिमाचल के ठेकेदारों को जॉब वर्क दिया जा रहा है।

हालांकि पहले यह व्यवस्था थी कि 50 हजार रुपए का वर्क आर्डर स्थानीय ठेकेदार के नाम कटता था। ऐसे में बिना किसी प्रतिभूति राशि और औपचारिकता के स्थानीय युवाओं को काम मिल जाता था।

काम न होने की शिकायत
बता दें कि यह तब है जबकि यूपी निर्माण निगम सेंटैज चार्ज (अतिरिक्त शुक्ल) के रूप में प्रदेश सरकार से कुल राशि का 12.5 प्रतिशत भी वसूल करता है।

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दूसरी ओर, प्रदेश की निर्माण एजेंसियां काम न होने की शिकायत कर रही हैं। अब इस मामले को मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचाने की भी तैयारी हो रही है।

पहले काम छीना, फिर दे दिया
यूपी निर्माण निगम को प्रदेश में काम दिए जाने पर पहले से ही विवाद होता रहा है। इससे पहले एक बार कांग्रेस सरकार और एक बार भाजपा सरकार यूपी निर्माण निगम से काम छीन चुकी है।
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वर्तमान सरकार ने फिर से यूपी निर्माण निगम को काम सौंप दिया। यह तब है जबकि प्रदेश में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, आरईएस, पेयजल निगम, अवस्थापना विकास निगम आदि एजेंसियां हैं।

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बीच में मेरे पास यह शिकायत आई थी। चिन्यालीसौंण में मैंने यूपी निर्माण निगम के अधिकारियों से कहा भी था कि स्थानीय लोगों की जमीन गई हैं, उन्हें तो कम से कम काम मिलना ही चाहिए।
- प्रीतम पंवार, शहरी विकास मंत्री

ऐसा नहीं है। यूपी और हिमाचल के ठेकेदार काम जरूर कर रहे हैं पर उन्होंने स्थानीय स्तर पर भी काम सबलेट किया हुआ है। इस तरह की कोई शिकायत भी मेरे पास नहीं आई है।
-दिनेश धनै, टिहरी विधायक

पहली बात तो यही है कि स्थानीय निर्माण एजेंसियों के होते हुए बाहर की एजेंसी को काम क्यों दिया जा रहा है। यह मामला मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा। स्थानीय युवाओं को काम नहीं मिलेगा तो वे पलायन के लिए मजबूर हाेंगे।
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- जोत सिंह बिष्ट, कांग्रेसी नेता
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