ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। औद्योगिक इकाईयों को संचालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि जब 2017 में जब सरकार सत्ता में आई थी तो जिलों में आईसीयू नहीं था, डाक्टर 1184 थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 2400 पहुंच गई है। तीन नए मेडिकल कॉलेज हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में खुलने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान दो लाख प्रवासी राज्य में लौटे हैं। इसमें से कई नौकरी छोड़कर आए हैं। उनके रोजगार को लेकर पूछे सवाल पर सीएम ने कहा कि प्रवासियों का सर्वेक्षण किया जा रहा है कि कौन क्या काम करता था। उसी हिसाब से सरकार उनके रोजगार और स्वरोजगार के लिए योजनाएं बनाएगी। प्रवासियों के लौटने से बढ़े संक्रमण पर उन्होंने कहा कि इसका सरकार को पहले से अंदाजा था कि संक्रमण बढ़ेगा।
इसके लिए पूरी तैयारी की गई है। आने वाले दिनों में और मामले आएंगे। सबसे बड़ी राहत यह है कि कोरोना से अभी तक कोई मौत नहीं हुई है। जिन कोरोना संक्रमितों की मौत हुई उसकी वजह कोरोना नहीं था। आईसीयू, वेंटिलेटर की व्यवस्था कई गुणा बढ़ा दी गई है। प्रदेश में 14 हजार बेड की संस्थागत सुविधा है।