प्रधानों को प्रवासियों को क्वारंटीन कराने की जिम्मेदारी दी गई लेकिन उन्हें मानवीय और आर्थिक संसाधन नहीं दिए गए। जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि पंचायत जनाधिकार मंच की ओर से इस धरने के जरिए यह भी मांग की गई है कि प्रदेश सरकार ग्राम प्रधानों से माफी मांगे।
प्रधानों को मानवीय और आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। एक घंटे के इस तप में नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी सहित अन्य सभी जिलों से पंचायत प्रतिनिधि और समर्थक धरने पर बैठे। एक घंटे के इस तप की बाद में फेसबुक पर फोटो भी साझा की गईं।