बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में चार वन स्टॉप सेंटर बन चुके हैं। शेष नौ सेंटर भी 15 अगस्त से पूर्व शुरू किए जाएंगे। स्पान्सर स्कीम के तहत लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके, इसके लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में वार्षिक आय की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया। स्वधार गृह योजना के तहत मानसिक विक्षिप्त महिलाओं को आच्छादित करने का भी अनुरोध किया गया। बैठक में अपर सचिव भारत सरकार एसके सिंह, सचिव महिला सशक्तीकरण और बाल विकास सौजन्या, निदेशक झरना कमठान और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
चमोली और चंपावत जिले पर खास फोकस
केंद्रीय मंत्री ने लिंगानुपात को लेकर उत्तराखंड के चंपावत और चमोली जिले में सबसे ज्यादा फोकस रखने की जरूरत बताई। महिला सशक्तीकरण व बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि लिंगानुपात को लेकर उत्तराखंड की स्थिति लगातार सुधर रही है। सात अगस्त को ऊधमसिंहनगर जिले के बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को केंद्र सरकार से पुरस्कार मिलने जा रहा है।
मोबाइल एप के जरिये एक एक बच्चे का ब्यौरा
उत्तराखंड के एक एक बच्चे के कुपोषण और उससे जुड़ी जानकारी जल्द ही एक मोबाइल एप के जरिये सरकार को उपलब्ध रहेगी। विभागीय मंत्री रेखा आर्या के अनुसार, यह एप हिंदी में होगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मार्फत मोबाइल एप पर सारी जानकारी एकत्रित की जाएगी।