प्रदेश में अंतह राज्यीय पोर्टेबिलिटी राशन कार्ड योजना लागू करने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत प्रदेश के 23 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के क्यूआर कोड वाले नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे।
इस योजना को दो चरणों में शुरू किया जाएगा। पहले चरण में विभाग राशन कार्ड डाटा का शुद्धिकरण अभियान चलाएगा। जिसमें उपभोक्ताओं से नए राशन कार्ड बनाने के लिए आवेदन नहीं मांगे जाएंगे। बल्कि विभाग राशन कार्ड का प्रिंट निकालकर उपभोक्ता को देगा और कार्ड धारक उसे सत्यापित कर वापस विभाग के पास जमा करेगा।
इसके बाद ही क्यूआर कोड राशन कार्ड बनाया जाएगा। क्यूआर कार्ड से उपभोक्ता प्रदेश के किसी भी सरकारी गल्ले की दुकान से राशन ले सकता है। साथ ही विभाग को यह पता चल सकेगा कि प्रति माह कितने पात्र उपभोक्ताओं को राशन लिया है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए प्रदेश में पहली बार क्यूआर कोड वाले राशन कार्ड बनाए जाएंगे। आईडी कार्ड की तरह नए राशन कार्ड बनेंगे। जिसमें क्यूआर कोड लगा होगा।
-सुशील कुमार, सचिव, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग