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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री महेश शर्मा पहुंचे हरिद्वार कहा, भय खत्म होने से बिगड़ रहा है पर्यावरण

Thu, 01 Nov 2018 03:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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संस्कृति पर्यावरण मंत्री महेश शर्मा पहुंचे हरिद्वार - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. महेश शर्मा ने भूपतवाला स्थित भूमा निकेतन पहुंचकर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने 2021 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ की व्यवस्था को लेकर चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि कुंभ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है।      

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डा. महेश शर्मा ने कहा कि महाकुंभ पर्व को विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन मानते हुए यूनेस्को ने भी अंतरराष्ट्रीय मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि भारत अध्यात्म का देश है और संत महापुरुषों ने विश्व पटल पर देश को नई पहचान दी है। कुंभ मेला लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। जो भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म की छठा बिखेरकर एकता का संदेश देता है।

भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मांग की है कि सप्तसरोवर मार्ग स्थित सभी गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण समय रहते किया जाए। इससे हरकी पैड़ी क्षेत्र में भीड़ का दबाव कम रहेगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा से मांग की कि आगामी महाकुंभ में पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार की ओर श्रद्धालुओं को जागरूक करने का अभियान चलाना चाहिए।
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राम मंदिर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अब किसी भी हाल में राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होना चाहिए। करोड़ों हिंदुओं की भावना को देखते हुए केंद्र सरकार को अध्यादेश लाकर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करना चाहिए। इस अवसर पर राजेंद्र शर्मा, देवेंद्र तोमर, स्वामी निगमबोध तीर्थ, प्रकाश पांडेय, आनंद वल्लभ पांडेय, सुनील, नीमेश, गौरव वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।

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राम मंदिर पर नीयत स्पष्ट करे केंद्र : शंकराचार्य     

शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि केंद्र सरकार राम मंदिर पर अपनी नीयत स्पष्ट करे। मंदिर निर्माण में पहले ही बहुत देर हो गई है। अधिक विलंब स्वीकार करने के लिए देश का जनमानस और संत समाज अब तैयार नहीं हैं। मंदिर निर्माण की कार्रवाई तत्काल प्रारंभ होनी चाहिए।  

जगद्गुरु शंकराचार्य बृहस्पतिवार को जगद्गुरु आश्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा से वार्ता के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी दी। स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि देश का धर्मावलंबी समाज दशकों से राम मंदिर की प्रतीक्षा कर रहा है।
प्रधानमंत्री पद पर नरेंद्र मोदी के आने और अधिकांश राज्यों में हिंदू समर्थक सरकार बनने से उम्मीद जगी थी कि राम मंदिर का निर्माण शीघ्र हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि दुुख का विषय है कि राष्ट्रभक्त और रामभक्त नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही मंदिर का निर्माण नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि हाल में चले घटनाक्रम के कारण हिंदू जनमानस काफी नाराज है। उम्मीद थी कि न्यायालय की ओर से लगातार सुनवाई होने के बाद कोई फैसला आएगा। जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वास्तव में वह मंदिर निर्माण चाहती भी है या नहीं। यदि बहुसंख्यक समाज के हितों की अनदेखी की गई तो उसके गंभीर परिणाम होंगे। हिंदू जनमानस किसी भी कीमत पर राममंदिर का निर्माण करने पर उतारू है।  

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने जगद्गुरु के साथ लंबी मंत्रणा की। उन्होंने कहा कि वे केवल शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज का आशीर्वाद लेने यहां आए हैं। इस मौके पर आश्रम की ओर से नारायण शर्मा, अभिषेक कौशिक, नवीन चंद्रानंद, डा. गौरव आदि ने उनका स्वागत किया। 
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