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दूर होकर भी उत्तराखंड के पास होगा ‘आम बजट’

Mon, 30 Jan 2017 09:59 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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बजट - फोटो : Demo Pic.
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एक फरवरी को पेश होने जा रहे आम बजट में चुनाव वाले प्रदेशों के लिए किसी घोषणा पर विधानसभा चुनावों के चलते बंदिश के बावजूद  उत्तराखंड के निवासियों को भी लाभ होना तय है।
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उत्तराखंड का नाम लेकर भले ही कोई घोषणा न हो, मगर जनसामान्य मसलन वेतनभोगी हों या किसान या उद्योग के लिए होने वाली घोषणाओं से तो यहां के लोग प्रभावित होंगे ही। लिहाजा, आम आदमी ही नहीं राजनैतिक पार्टियों की निगाहें भी आम बजट की घोषणाओं पर लगीं हैं।

विधानसभा चुनाव की वजह से इस बार चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को उत्तराखंड सहित सभी पांचों राज्यों से जुड़ी विशेष घोषणाएं न करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके आम बजट की कई राष्ट्रीय घोषणाएं उत्तराखंड वासियों के लिए भी लाभकारी होंगी।
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अगर सरकार किसानों की कर्ज माफी से जुड़ी कोई घोषणा करती है, तो इसका लाभ पूरे देश के किसानों को होगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव साहनी का कहना है कि आयकर, ऋण और बचत से जुड़ी जो भी घोषणा सरकार करेगी, वह पूरे देश के लिए एक साथ लागू होगी। इसके अलावा तमाम घोषणाएं अप्रत्यक्ष रूप से प्रदेश को भी फायदा पहुंचाएंगी।

सियासी जानकार कहते हैं कि नोटबंदी के अनुभवों से प्रभावित आम आदमी को राहत के लिहाज से यह बजट बेहद अहम होगा। घोषणाएं, मतदाताओं को प्रभावित जरूरी करेंगी। राजनैतिक पार्टियों को भी इन घोषणाओं का अध्ययन करके तदानुसार अपनी चुनावी रणनीति बनानी होगी। 
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इनका पड़ेगा सीधा असर
- अगर टैक्स रेट कम होता है या लिमिट बढ़ती है तो इससे उत्तराखंड के लोग भी लाभान्वित होगा।
- हाउसिंग लोन की इंटरेस्ट की सीमा बढ़ने की उम्मीद है जो कि पूरे देश के लिए एक होगी।
- 80 सी में बेनिफिट की घोषणा भी पूरे देश को इफेक्ट करेगी।
- नेशनल पेंशन स्कीम, लाइफ इंश्योरेंस, एफडीआर की लिमिट बढ़ना।
- अगर कंपनियों का टैक्स रेट कम हुआ तो कंपनियां पूरे देश में विस्तार करेंगी, जिससे रोजगार बढ़ेगा।
(सीए राजीव साहनी के मुताबिक)

यहां भी पड़ेगा असर
जीएसटी : सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स की तैयारियां तेज कर दी हैं। बजट में इसे लागू करने की घोषणा हुई तो उत्तराखंड भी इसका हिस्सा होगा।
हेल्थ सेक्टर : देश में स्वास्थ्य के बजट से जुड़ा नेशनल हेल्थ मिशन अगर बजट की घोषणा में शामिल होता है तो पूरे देश में इसकी कार्रवाई लागू होगी।
सर्विस सेक्टर : टैक्स में छूट, अतिरिक्त शिक्षा सेस, 80 जी के तहत छूट, एफडी पर इंटरेस्ट जैसे फैसलों से प्रदेश का सर्विस सेक्टर भी प्रभावित होगा।
इंडस्ट्रियल सेक्टर : इस सेक्टर में अगर कोई टैक्स छूट जैसी घोषणा होती है तो इससे पूरे देश के उद्योगों पर प्रभाव पड़ेगा।
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