आम बजट से महिला वर्ग को भी कई अपेक्षाएं हैं। अमर उजाला की ओर से हुई परिचर्चा में महिलाओं ने कहा कि वह महंगाई से सीधी प्रभावित होती हैं। घर की रसोई उन्हें देखनी पड़ती है। महंगाई बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ाने लगता है। रसोई गैस व खाद्य सामग्री के दामों में लगातार इजाफा हुआ है। अगर महंगाई से निजात मिले तो उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी कौशल प्रशिक्षण व विशेष सब्सिडी दी जानी चाहिए। महिला सुरक्षा पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
पिछले कुछ समय से रसोई गैस के दाम लगातार बढ़े हैं। इससे निजात मिलनी चाहिए। इसके अलावा अधिक संख्या में बीएड महिलाएं बेरोजगार हो रही हैं। कोरोनाकाल के चलते निजी स्कूलों में भी अवसर कम हुए हैं। सरकार को उनके लिए भर्ती निकालनी चाहिए।
- ममता बिष्ट, साकेत कॉलोनी, धर्मपुर
घर की रसोई महिलाओं को संभालती होती है। इसलिए महिलाओं को महंगाई सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। रसोई गैस व खाद्य सामग्री के दाम नियंत्रित रहने चाहिए। लग्जरी वस्तुओं के दाम में हल्की बढ़ोतरी की जा सकती है, लेकिन आम आदमी से जुड़ी वस्तुओं पर महंगाई नहीं होनी चाहिए।
- सोनिया श्रीवास्तव, राजपुर रोड
महंगाई कम होनी चाहिए। इससे महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। महंगाई होने से सबसे ज्यादा महिलाएं जूझती हैं। रसोई गैस के दाम बढ़ने से हर परिवार प्रभावित होता है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास व आत्मरक्षा के कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।
- प्राची
मैं चाहती हूं कि महंगाई कम हो। इसके अलावा महिलाओं स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन मिले। सब्सिडी योजना की आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया जाए। ताकि, हर जरूरतमंद महिला लाभ ले सके। नियमों की जटिलता के कारण कई महिलाएं योजना से वंचित हो जाती हैं।
- दीक्षा कुंमाई, नेहरूग्राम