कुमाऊं मंडल में पिछले एक वर्ष के दौरान 154 अज्ञात शव पाए गए, लेकिन इनमें से महज 37 ही शवों की शिनाख्त हो सकी। लेकिन आगे से पुलिस सभी शवों की शिनाख्त हो सके, इसके लिए उनका डीएनए टेस्ट कराएगी और रिपोर्ट सुरक्षित रखेगी। अगर किसी व्यक्ति से अज्ञात शव की कोई समानता होती है तो पुलिस उसके परिवार के अन्य लोगों के डीएनए से सच्चाई जान सकेगी। डीआईजी अजय जोशी ने इस बारे में अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
कहीं और हत्या करके शव कुमाऊं की वादियों में फेंकने का क्रम जारी है, साल 2018 में मंडल में कुल 154 अज्ञात शव मिले, इनमें सबसे ज्यादा ऊधम सिंह नगर जिले में और सबसे कम अल्मोड़ा जिले में मिले हैं। राज्य गठन के बाद मंडल की बात करें तो अब तक 300 से ज्यादा मौतें सिर्फ राज बनकर रह गई हैं। इनमें से अधिकतर को हत्या करके यहां फेंका गया था। शातिर हत्यारे दूसरे जिले एवं प्रदेशों में हत्या कर शव यहां फेंक देते हैं। शव के पास ऐसा कोई सुराग नहीं छोड़ते हैं, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके।