पेपर लीक मामले में एसटीएफ की अपील का असर दिख रहा है। अनुचित साधन का इस्तेमाल कर नकल करने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने एसटीएफ से संपर्क करने की कोशिश की है। कुछ लोगों को एसटीएफ कार्यालय के बाहर भी देखा गया है। अभ्यर्थियों ने पूछा है कि उनकी कानूनी रूप से मदद कैसे हो सकती है। उन्होंने जो किया, वह स्वीकार करते हैं। माना जा रहा है कि इससे इस पूरे केस को काफी बल मिलेगा।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने सोमवार को अपील की थी कि यदि कोई अभ्यर्थी सामने आना चाहता है तो उसकी कानून के हिसाब से मदद की जाएगी। बहुत से अभ्यर्थियों ने अनुचित साधनों का लाभ लेकर इस परीक्षा में सफलता पाई है। ऐसे में यदि पुलिस तफ्तीश में इनका नाम शामिल करती है तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, केस को मजबूती देने के लिए कुछ को गवाह बनाया जा सकता है।
एसटीएफ की इस अपील का असर इस रूप में दिखा कि कुछ अभ्यर्थियों ने बिना देर किए अधिकारियों से संपर्क साधा है। यही नहीं, कुछेक को तो एसटीएफ कार्यालय के बाहर भी देखा गया है। इनमें से कुछ ने स्वीकार भी किया है कि उन्होंने नकल की है। इस तरह का अनुचित लाभ उन्होंने लिया है तो एसटीएफ उनकी किस प्रकार से मदद कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ ने इनको शपथपत्र दाखिल करने की सलाह दी है।
फेल अभ्यर्थी बन सकते हैं गवाह
जांच टीम नकल करने के बाद फेल हुए अभ्यर्थियों को गवाह बना सकती है। यदि एसटीएफ को ऐसे अभ्यर्थी गवाहों के रूप में मिल जाते हैं तो केस काफी मजबूत हो जाएगा। फिलहाल, एसटीएफ साक्ष्यों का मजबूती से संकलन करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि फोन से संपर्क भी बहुत कम हुआ है। ज्यादातर धन का लेनदेन भी नकद ही हुआ है। ऐसे में थोड़ी मुश्किलें आ रही हैं।